3 जून को BSP सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में क्यों बुलाई बैठक
लखनऊ
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने 3 जून यानी सोमवार को दिल्ली में बैठक बुलाई है. इस बैठक में नवनिर्वाचित सांसद, लोकसभा प्रत्याशी, जोन इंचार्ज सहित सभी जिलाध्यक्ष तलब किए गये हैं.
सूत्रों का कहना है कि 10 सीट पर जीत मिलने के बाद भी मायावती चुनाव परिणाम से खुश नहीं हैं. मायावती के अनुसार, सपा और आरएलडी से गठबंधन करने के बाद भी आशा के अनुरूप परिणाम नहीं आए. इससे वो बहुत नाराज हैं. माना जा रहा है कि इस बैठक में बसपा सुप्रीमो इस बात पर मंथन करेंगी कि लोकसभा चुनाव में उनकी उम्मीद के मुताबिक नतीजा क्यों नहीं आया.
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से बीजेपी गठबंधन ने 64 सीट जीती हैं. बीजेपी 62 और उसकी सहयोगी अपना दल 2 सीट जीतने में कामयाब रही. सपा-बसपा गठबंधन महज 15 सीट ही जीत पाया. इसमें बसपा को 10 और सपा को 5 सीटें मिली हैं. लोकसभा चुनावों में प्रदेश में बसपा ने 38 सीटों पर चुनाव लड़ा था. जबकि सपा ने 37 सीटों पर किस्मत आजमाई थी.
दरअसल 2012 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से लगातार बसपा का ग्राफ गिरता जा रहा था. हालत यह हो गई थी कि 2014 के लोकसभा में बसपा खाता भी नहीं खोल सकी थी. इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा महज 19 सीटें ही जीत सकी थी. उधर लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी काम करने वालों के खिलाफ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एक्शन मोड में आ गई है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है.
मायावती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई सीटों पर पार्टी विरोधी काम करने और विपक्षी उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने के आरोप में पार्टी के पूर्व विधायक इकबाल अहमद ठेकेदार को पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
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