मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया बड़ा एलान, पंजाब में बेअदबी करने वालों की सजा अब उम्रकैद तक

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया बड़ा एलान, पंजाब में बेअदबी करने वालों की सजा अब उम्रकैद तक

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा हैं कि 13 अप्रैल बैसाखी के मौके पर विधानसभा के बुलाए गए सत्र के दौरान ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार एक्ट, 2008’ में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस एक्ट के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को न्यूनतम 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सख्त सजा का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों के बारे में संत समाज और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा चल रहा है।
साथ ही पंजाब के अढ़तियों द्वारा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करने पर मान ने कहा कि आढ़ती हरियाणा में आढ़त खोलने के लिए स्वतंत्र हैं।
जायज मांगों को सरकार के आगे रखेंगे: सीएम मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आढ़तियों के मुद्दे सिर्फ केंद्र द्वारा ही हल कर सकती है। क्योंकि कमीशन का मुद्दा केंद्र के साथ ही जुड़ा हुआ है। उनकी जायज मांगों को भारत सरकार के सामने कई बार उठाया गया है लेकिन केंद्र की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार गेहूं की निर्विघ्न और मुश्किल रहित खरीद को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है तथा सारे प्रबंध पहले ही कर लिए गए हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ श्रृंखला के तहत मुख्यमंत्री मुख्य क्षेत्रों में सरकार की कारगुजारी पर प्रकाश डालने के लिए अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकारी क्षेत्र में रोजगार और प्रशासन में नया मानदंड स्थापित करते हुए युवाओं को आयु सीमा में 5 साल की छूट दी और केवल चार वर्षों में 65,264 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई।
पंजाब के लोगों को मिली डिजिटल सेवाएं
इसके साथ ही सेवा केंद्रों में हर महीने 30 लाख लोगों की पहुंच और 8.20 करोड़ से अधिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी के माध्यम से ‘डिजिटल पंजाब’ की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है, जो पारदर्शी प्रशासन, कौशल विकास और प्रणालीगत सुधारों को दर्शाती है जिसका मकसद पंजाब के भविष्य को नई दिशा देना है।
मौजूदा गवर्नेंस मॉडल की पिछली सरकारों से तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने आम लोगों के बजाय अपने ही परिवारों का पक्ष लिया, लेकिन राज्य की सरकार ने सबकी भलाई के लिए काम किया है, जिसके चलते प्राइवेट कंपनियों में भी सात लाख के करीब युवाओं को नौकरियां मिली हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हुनर विकास मिशन शुरू किया गया है, जिसके तहत अमृतसर, बठिंडा, होशियारपुर, जालंधर और लुधियाना में पांच बहु-हुनर विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों में अब तक 1.25 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 73,250 को रोजगार भी मिल गया है।
उन्होंने आगे कहा कि जन्म, मृत्यु और विवाह जैसे प्रमाण-पत्र एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जा रहे हैं तथा एक करोड़ से अधिक प्रमाण-पत्र डिजिटल रूप में भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि सेवाओं की बकाया दर में भारी कमी आई है, जो 14 प्रतिशत से घटकर सिर्फ 0.52 प्रतिशत रह गई है।
तहसील दफ्तरों में भ्रष्टाचार खत्म किया: भगवंत मान
जमीन सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ईजी रजिस्ट्री’ ने तहसील दफ्तरों से भ्रष्टाचार को खत्म कर दिया है और जुलाई 2025 से अब तक छह लाख से अधिक दस्तावेज रजिस्टर किए गए हैं। किसान भलाई के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की जमीनों के नीचे हाई टेंशन तारें डालने की संभावना की पड़ताल कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि यह प्रभावशाली योजना किसानों को लाभ पहुंचाने और फसलों के जोखिम को कम करने के लिए जल्द ही लागू की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि यह प्रोजेक्ट मेरे पैतृक गांव से शुरू होगा जहां 2,000 एकड़ में 413 ट्यूबवेल मोटरें और 1,100 बिजली के खंभे मौजूद हैं, जिन्हें जमीनदोज करने का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा भी मौजूद थे।