केंद्रीय दल ने राजस्थान में केंद्रीय योजनाओं की प्रगति को सराहा; मोबाइल वेटरनरी यूनिट, पशु बीमा और टीकाकरण, NLM-EDP कार्यों को 'बेहतरीन' बताया

केंद्रीय दल ने राजस्थान में केंद्रीय योजनाओं की प्रगति को सराहा; मोबाइल वेटरनरी यूनिट, पशु बीमा और टीकाकरण, NLM-EDP कार्यों को 'बेहतरीन' बताया

जयपुर: राजस्थान में पशुपालन विभाग के अंतर्गत चल रही विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं की जमीनी हकीकत और प्रगति का जायजा लेने आया केंद्र सरकार के तीन सदस्यीय विशेष दल का दौरा आज संपन्न हो गया। राष्ट्रीय पशुधन मिशन केंद्र सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी योजना है जिसे पशुपालन, मत्स्य एवं गोपालन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा राज्य में प्रमुखता से लागू किया जा रहा है। केंद्र सरकार के तीन सदस्यीय विशेष दल ने इस संबंध में विकास सीतारामजी भाले,  प्रमुख शासन सचिव और दिनेश कुमार जांगिड़, संयुक्त सचिव के साथ भी विस्तृत चर्चा की।  इस उच्च स्तरीय दल ने 16 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक राज्य के विभिन्न जिलों का सघन भ्रमण कर योजनाओं का व्यापक फीडबैक लिया।

दौरे के समापन पर आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय दल ने राजस्थान में पशुपालकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त किया। टीम ने राज्य में हुए कार्यों की सराहना करते हुए मुख्य रूप से मोबाइल वेटरनरी यूनिट, पशु बीमा कार्य तथा टीकाकरण अभियान को उत्कृष्ट बताते हुए राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत संचालित इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम  योजना की भी सराहना की।

मोबाइल वेटरनरी यूनिट: दल ने पाया कि राज्य के ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स के माध्यम से बीमार पशुओं को मौके पर ही त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल रही है। इस यूनिट के कार्य प्रदर्शन को टीम ने अत्यंत सराहनीय और प्रभावी माना।

पशु बीमा कार्य: पशुधन के संरक्षण और पशुपालकों को आर्थिक जोखिम से बचाने के उद्देश्य से राज्य में किए जा रहे पशु बीमा कार्यों की प्रगति को टीम ने बेहद शानदार बताया।

टीकाकरण अभियान: पशुओं को विभिन्न संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए राज्य भर में चलाए गए टीकाकरण कार्यों की गति और कवरेज को केंद्रीय दल ने उत्कृष्ट की श्रेणी में रखा।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत संचालित इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम : राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत संचालित इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम  योजना के तहत राज्य में पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों को केंद्रीय टीम ने विशेष रूप से सराहना करते हुए दल के सदस्यों ने कहा कि इस योजना से राज्य के युवाओं और पशुपालकों को नए रोजगार शुरू करने में बेहतरीन मदद मिल रही है।

केंद्र सरकार के तीन सदस्यीय विशेष दल ने थारपारकर नस्ल के संवर्धन हेतु विशेष प्रयास करने पर बल दिया।

दौरे के अंतिम दिन आयोजित समीक्षा बैठक में पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चंद मीना ने सकारात्मक फीडबैक और सुझावों के लिए  केंद्रीय दल के सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि राजस्थान सरकार केंद्र सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर पर बैठे पशुपालक तक पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने केंद्रीय टीम के साथ भविष्य में इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तार से चर्चा की।