उद्योगों में सुरक्षा संस्कृति अपनाना समय की जरूरत: उप मुख्यमंत्री
15 औद्योगिक इकाइयों को कारखाना सुरक्षा पुरस्कार, सुरक्षा पुस्तिका का ई-विमोचन
जयपुर। राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान (एचसीएम-रीपा) में बुधवार को 55वां राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने उद्योगों में सुरक्षा संस्कृति अपनाने को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल औद्योगिक विकास की आधारशिला है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत–2047” के विजन को साकार करने के लिए सुरक्षित और सुदृढ़ औद्योगिक वातावरण अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने तथा श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है।
डॉ. बैरवा ने कहा कि सुरक्षित कार्यस्थल न केवल श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, बल्कि उद्योगों की उत्पादकता बढ़ाने और देश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का उद्देश्य उद्योगों और संस्थानों में कार्यरत लोगों के बीच सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत करना है।
उन्होंने औद्योगिक इकाइयों से आधुनिक तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेंसर आधारित निगरानी और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग जैसे उपायों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के माध्यम से संभावित खतरों की समय रहते पहचान कर दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सकता है और कार्यस्थलों पर सुरक्षा संस्कृति को और सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन, संभावित खतरों का समय रहते आकलन तथा आधुनिक तकनीकों का उपयोग दुर्घटनाओं की रोकथाम में अत्यंत सहायक है। उन्होंने उद्योगों से श्रमिकों और कर्मचारियों को नियमित सुरक्षा प्रशिक्षण देने और कार्यस्थलों को सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान देने की अपील की। इस अवसर पर उनके द्वारा सुरक्षा जागरूकता पर आधारित पुस्तिका का ई-विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम में कारखाना सुरक्षा पुरस्कार योजना-2026 के अंतर्गत औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली इकाइयों को सम्मानित किया गया। इसके तहत वृहद, मध्यम और लघु श्रेणियों में चयनित कुल 15 औद्योगिक इकाइयों को कारखाना सुरक्षा पुरस्कार प्रदान किए गए। डॉ. बैरवा ने कहा कि सुरक्षा के उच्च मानकों को अपनाने वाले उद्योग श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी नई दिशा देते हैं। यह समारोह कारखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण विभाग तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद- राजस्थान स्टेट चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया है।
कार्यक्रम में मुख्य निरीक्षक, कारखाना एवं बॉयलर्स हरिश कुमार गुप्ता, उप मुख्य निरीक्षक एवं उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, राजस्थान चैप्टर हरीशंकर सहित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं संस्थानों के अधिकारी, विशेषज्ञ और प्रतिनिधि, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य तथा कारखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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