विशेष लेख : सेवा संकल्प अभियान: 25 वर्ष सेवा जल जीवन मिशन से बदली हरफर की तस्वीर

विशेष लेख : सेवा संकल्प अभियान: 25 वर्ष सेवा जल जीवन मिशन से बदली हरफर की तस्वीर

तब पानी के लिए निर्भरता और कठिनाई थी, अब घर की चौखट पर नल से पेयजल की सुविधा

धमतरी, गंगरेल जलाशय की विशाल जलराशि, घने जंगलों और पहाड़ी भू-भाग से घिरा हरफर गांव प्राकृतिक सौंदर्य की अनुपम मिसाल है। धमतरी विकासखंड की ग्राम पंचायत अरौद डुबान का यह आश्रित ग्राम भले ही छोटा है, लेकिन विकास की दिशा में यहां आया बदलाव अपने आप में बड़ी कहानी कहता है। कभी पेयजल के लिए स्थानीय तालाब और कुओं पर निर्भर रहने वाले हरफर के 17 परिवारों के घर अब नल से पेयजल पहुंच रहा है। जल जीवन मिशन ने इस छोटे से गांव में सुविधा के साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता और सम्मान की नई तस्वीर गढ़ी है।

तब-जलस्रोत पास, लेकिन सुरक्षित पानी दूर

हरफर में कुल 17 घरों में 52 लोग निवास करते हैं। गोंड जनजाति बहुल इस गांव की भौगोलिक स्थिति और कम आबादी के कारण बुनियादी सुविधाओं की पहुंच हमेशा चुनौतीपूर्ण रही। गंगरेल जलाशय के समीप होने के बावजूद ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल के लिए स्थानीय तालाब और कुओं जैसे पारंपरिक जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था।
बरसात के दिनों में सतही जल के दूषित होने की आशंका बढ़ जाती थी। पानी जुटाने में समय और श्रम लगता था तथा इसका सबसे अधिक असर महिलाओं की दिनचर्या पर पड़ता था। पीने के पानी के साथ भोजन पकाने, घरेलू स्वच्छता और अन्य दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी की व्यवस्था करना परिवारों की नियमित चिंता थी।

अब: हर घर की चौखट पर नल से पानी

जल जीवन मिशन के अंतर्गत हरफर में सोलर आधारित जलप्रदाय योजना स्थापित की गई। इसके माध्यम से गांव के प्रत्येक परिवार को नल कनेक्शन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। दूरस्थ और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने में सहायक है। अब पानी के लिए दूर जाना नहीं पड़ता। घर की चौखट पर नल से पानी मिलने से ग्रामीणों के समय और श्रम की बचत हुई है। महिलाओं को विशेष राहत मिली है। परिवार अब पानी की चिंता से अधिक अपने रोजगार, बच्चों और घरेलू जरूरतों पर ध्यान दे पा रहे हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से व्यक्तिगत एवं घरेलू स्वच्छता के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिला है।

कुंजाम परिवार ने देखा पीढि़यों का बदलाव

हरफर निवासी सुंदर सिंह कुंजाम बताते हैं कि उनका परिवार उनके परदादा के समय से इस गांव में रह रहा है। उन्होंने पानी से जुड़ी पुरानी कठिनाइयों को करीब से देखा है। पहले तालाब और कुएं से पानी लाना पड़ता था, जबकि अब नल के माध्यम से घर पर ही पेयजल उपलब्ध हो रहा है। सुंदर सिंह अपनी पत्नी सावित्री बाई कुनजाम और नवविवाहित संतेराम कुनजाम के साथ रहते हैं। उनके लिए यह बदलाव महज पानी की सुविधा नहीं, बल्कि पीढि़यों से चली आ रही जीवनशैली में आया सकारात्मक परिवर्तन है।

छोटा गांव, बड़ा बदलाव

हरफर की कहानी बताती है कि विकास की सार्थकता तभी है, जब योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बसे परिवार तक पहुंचे। केवल 17 परिवारों वाले इस गांव में घर-घर नल से पानी पहुंचना संख्या से कहीं बड़ा बदलाव है। तब पानी के लिए तालाब-कुएं पर निर्भरता, समय और श्रम की अतिरिक्त खपत तथा स्वच्छता को लेकर चुनौतियां थीं। अब घर की चौखट पर नल, सौर ऊर्जा आधारित जलप्रदाय व्यवस्था, समय-श्रम की बचत और बेहतर स्वच्छता की दिशा में बढ़ता कदम है।
     गंगरेल, केवटी गुंडरा और घडि़या गुंडरा की प्राकृतिक गोद में बसा हरफर अब केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि जल जीवन मिशन की पहुंच से आए बदलाव की जीवंत मिसाल के रूप में भी पहचाना जा रहा है। 17 परिवारों के लिए नल से आता पानी उनके घरों में केवल जल नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, सुविधा, स्वच्छता और बेहतर भविष्य का उजियारा लेकर आया है।
    हरफर निवासी सुंदर सिंह कुनजाम एवं ग्रामवासियों ने घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार एवं शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।
      सुंदर सिंह कुनजाम कहते हैं कि पहले पेयजल के लिए तालाब और कुएं पर निर्भर रहना पड़ता था। पानी लाने में समय और श्रम लगता था। अब जल जीवन मिशन के माध्यम से घर की चौखट पर नल से पानी मिल रहा है। यह सुविधा हमारे परिवार और पूरे गांव के लिए बहुत बड़ा बदलाव है।
       उन्होंने कहा कि “नल से जल पहुंचने से हमारी रोजमर्रा की जिंदगी आसान हुई है। पानी के लिए होने वाली परेशानी कम हुई है और स्वच्छता के प्रति भी जागरूकता बढ़ी है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।”हरफर के 17 परिवारों की ओर से प्रधानमंत्री जी को शुभकामनाएं एवं धन्यवादकृनल से आया जल, जीवन में लाया उजियारा।