'तीखी मिर्च' से घुली जीवन में मिठास
रायपुर, मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन जब एक साथ मिलते हैं, तो बदलाव की नई इबारत लिखी जाती है। छत्तीसगढ़ शासन के 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत ग्रामीण अंचल से सफलता की ऐसी ही एक प्रेरक कहानी सामने आई है, जहाँ सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम मल्दा-अ की श्रीमती दशमत साहू ने मिर्च की वैज्ञानिक व व्यवस्थित खेती से न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणापुंज बन गई हैं।
पारंपरिक खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर आजीविका के नए अवसर तलाश रहीं दशमत साहू 'दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह' से जुड़ीं। समूह से मिलने वाले सहयोग और प्रोत्साहन ने उन्हें उन्नत कृषि की ओर प्रेरित किया, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए व्यावसायिक स्तर पर मिर्च का उत्पादन शुरू किया।
अपनी लगन और कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने खेत से गुणवत्तापूर्ण मिर्च की भरपूर पैदावार हासिल की। चरणबद्ध तरीके से की गई तुड़ाई में उन्हें हर बार लगभग 10 क्विंटल मिर्च प्राप्त हुई और इस तरह अब तक वे कुल 40 क्विंटल मिर्च की सफलतापूर्वक बिक्री कर चुकी हैं। औसतन 5,000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से उपज का विक्रय करने पर उन्हें 2 लाख रुपये की सकल बिक्री प्राप्त हुई।
जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के माध्यम से शासकीय योजनाओं और आजीविका संवर्धन गतिविधियों से आ रहे ऐसे ही सकारात्मक परिवर्तनों को सामने लाया जा रहा है। दशमत साहू की यह सफलता दर्शाती है कि कैसे स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। खेती से हुई इस शानदार आय ने न केवल उनके परिवार को आर्थिक सहारा दिया है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयां दी हैं, जिससे वे आज ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की एक सशक्त मिसाल बन चुकी हैं।
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