praveen namdevजबलपुर, कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के लिए जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर आखिरकार प्रशासन ने लगाम कसी है। बताते हैं कि जिन दवा दुकानदारों को इसकी बिक्री की अनुमति दी गई है वह हर जरूरतमंद मरीज के परिजनों को 2-2 डोज प्रतिदिन उपलब्ध कराएंगे।
इसके लिए मरीज के परिजन को मरीज का आधार कार्ड डॉक्टर का पर्चा और आईडी दिखानी होगी। इसके बाद उन्हें इंजेक्शन उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
1400 तक पहुंची कीमत
दवा व्यापारियों के मुताबिक जिन दवा विक्रेताओं द्वारा यह इंजेक्शन विक्रय किया जा रहे हैं वहां पर अब इसकी कीमत 14 सौ रुपए हो गई है। वही 1 दिन पहले यह इंजेक्शन ब्लैक में करीब 8000 तक कालाबाजारियों ने बेचा।
ड्रग कंट्रोलर के एक्शन के बाद बदला रवैया
बताया जाता है लगातार मिल रही पूरे प्रदेश भर से इंजेक्शन की कालाबाजारी की खबरों के बाद ड्रग कंट्रोलर मध्यप्रदेश में सभी जिलों के सीएमएचओ और दवा निरीक्षकों को एक पत्र जारी कर यह कहा था कि वह इसकी आपूर्ति के लिए नजर रखें साथ ही इस इंजेक्शन को किस मरीज को किस कंडीशन में लगाया जाना है इसकी पूरी जानकारी अस्पताल प्रबंधन व दवा विक्रेता से ली जाए। निर्देश में कहा गया कि इसके लिए सीएमएचओ और दवा निरीक्षक दौरा भी करें ताकि जरूरतमंद मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े।