नई दिल्ली, अफगानिस्तान ने भारत सरकार को सबसे विश्वसनीय दोस्त बताते हुए कोरोना काल में दी गई मदद के लिए शुक्रिया कहा है। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री हनीफ अतमार भारत दौरे पर हैं, जहां उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की है। इस दौरान अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने भारत सरकार को शुक्रिया कहते हुए दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर बात की है।
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अफगानिस्तान के विदेश मंत्री हनीफ अतमार ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान दोनों देशों के प्रगाढ़ संबंध को और आगे बढ़ाने और अफगानिस्तान में शांति समझौते पर बात की। इसके साथ ही दोनों नेताओं के बीच अफगानिस्तान में शांति बहाल करने से लेकर अंतर्राष्ट्रीय संबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर बात की है।
अफगानिस्तान की तरफ से आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अफगानिस्तान के लिए भारत काफी मायने रखता है, लिहाज अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया में भारत का शामिल होना अच्छी बात है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हनीफ अतमार तीन दिनों के भारत दौरे पर हैं, जिसपर अमेरिका और पाकिस्तान की भी नजर है।
भारत और अफगानिस्तान ने मॉस्को मीटिंग को लेकर भी रिव्यू मीटिंग किया है। दोनों पक्षों ने मॉस्को मीटिंग को लेकर समीक्षा बैठक भी की है, जिसमे शांति प्रक्रिया को मजबूत करने और आगे बढ़ाने के लिए इसे सकारात्मक पहल बताया है। इसके साथ ही भारत ने अफगानिस्तान को भरोसा दिलाया है कि वो अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया और विकास की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके साथ ही दोनों देशों ने क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाले प्रोजेक्ट्स, सेन्ट्रल एशिया से साउथ एशिया में अफगानिस्तान से गुजरने वाली रेलवे के विकास को लेकर भी बात की है। इसके साथ ही भारत और अफगानिस्तान के बीच में चाबहार एयरपोर्ट को लेकर भी बात की है। इसके साथ ही दोनों पक्ष आर्थिक विकास के लिए स्पेशलाइल्ड वर्किंग ग्रुप बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी है।
3 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद पिछले 20 सालों में दी
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री हनीफ अतमार ने इसके साथ ही अफगानिस्तान की मदद के लिए भारत को शुक्रिया कहा है। भारत ने अफगानिस्तान की विकास के लिए 3 बिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद पिछले 20 सालों में दी है। इसके साथ ही भारत ने 5 लाख कोरोना वैक्सीन डोज भी अफगानिस्तान को मदद के तौर पर दी है। जिसके लिए अफगानिस्तान की तरफ से भारत को शुक्रिया कहा गया है।
75 हजार टन गेहूं भी अफगानिस्तान को दी
इसके साथ ही भारत ने कोरोना काल में अफगानिस्तान में खाद्यान्न संकट उत्पन्न ना हो, इसके लिए 75 हजार टन गेहूं भी अफगानिस्तान को दी थी, जिसके लिए भी अफगान विदेश मंत्री ने भारत की कृतज्ञता जताई है। वहीं अफगान विदेशमंत्री ने शहतूत बांध के लिए भारत के प्रयासों की शराहना की है।
दिल्ली दौरे पर आए अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने भारतीय नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोवाल से भी मुलाकात की है। अफगानिस्तान की सिक्योरिटी और भारत के लिहाज से अफगान राष्ट्रपति और अजित डोवाल की मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
दोनों देशों की सुरक्षा, व्यापार और आर्थक सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत
अजित डोवाल से मिलने के बाद अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि 'अजित डोवाल से मुलाकात कर काफी अच्छा लगा है। उनके मुलाकात के दौरान दोनों देशों की सुरक्षा, व्यापार और आर्थक सहयोग बढ़ाने को लेकर बातचीत की गई है।' इस दौरान अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि अजित डोवाल से मुलाकात के दौरान अफगानिस्तान की शांति प्रक्रिया पर भी बात की गई है।