प्रशासन नहीं लगा पा रहा कार्यक्रमों पर नियंत्रण
उड़ रही हैं सोशल डिस्टेंसिंग और धारा 144 की धज्जियां
khemraj morya
शिवपुरी। पिछले तीन-चार दिनों से शिवपुरी में एकाएक कोरोना का विस्फोट हो गया है। पिछले तीन दिन में कोरोना के 39 मामले सामने आए हैं। अभी तक जिले में कोरोना पॉजिटिवों की संख्या बढ़कर 83 हो गई हैं। जिनमें से 49 एक्टिव केस है। कोरोना के मामले बढऩे का कारण विवाह समारोह को बताया जा रहा है। जिसमें बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले लोगों ने शिरकत की है। विवाह समारोह में अधिकतम 50 व्यक्तियों को भाग लेने की अनुमति दी गई थी। लेकिन इसके स्थान पर एक-एक हजार लोगों के भोज हुए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया और प्रशासन ने भी इसे रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। जिसका परिणाम यह है कि उन घरों में कोरोना पॉजिटिव अधिक निकल रहे हैं। जिनके यहां विवाह समारोह का आयोजन था। अब विवाह समारोह तो समाप्त हो गए। लेकिन जिले में चल रहे राजनैतिक कार्यक्रमों के कारण बड़े पैमाने पर कोरोना के फैलाव की आशंकाएं बढ़ गई हैं। प्रशासन राजनैतिक कार्यक्रमों में भीड़ पर अंकुश लगाने में असफल रहा है।

शिवपुरी जिले में करैरा और पोहरी विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होने हैं ओर उपचुनावों की तैयारियां कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों ने शुरू कर दी है। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी चुनाव की अधिकृत घोषणा नहीं की है। लेकिन संभावित प्रत्याशियों ने गांव-गांव जाकर प्रचार करना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों और नेताओं के दौरे शुरू हो गए हैं। गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कार्यक्रम भी पोहरी और बैराड़ में हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी इंदौरा तथा राजकुमार पटेल ने भी क्षेत्र में डेरा डाल रखा था। कार्यकर्ता बैठक में पूरी तरह से कोरोना की गाइडलाइन का उल्लंघन किया जा रहा है। गृह मंत्री के कार्यक्रम में बैराड़ में बेशुमार भीड़ थी। जिसमें अधिकांश लोग मास्क भी नहीं पहने थे। सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन नहीं किया जा रहा था। नरवर में भी भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे। इससे आशंका नजर आ रही है कि शिवपुरी में कोरोना के केसेस बड़ी तादत में बढेंगे। राजनैतिक कार्यक्रमों पर नियंत्रण लगाने में प्रशासन पंगु नजर आ रहा है।
उपचुनावों पर लगाई जाए अनिश्चितकाल तक रोक
प्रदेश में जिस तूफानी रफ्तार से कोरोना का प्रकोप बढ़ रहा है, उसे देखते हुए निर्वाचन आयोग को चाहिए कि वह प्रदेश में 24 सीटों पर हो रहे उपचुनावों पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दे और प्रदेश में राजनैतिक कार्यक्रम भी रोक दिए जाएं। जिससे मंत्रियों, नेताओं आदि के दौरे न हों और सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। हालांकि चुनाव आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है। लेकिन कांग्रेस और भाजपा तथा संभावित उम्मीदवारों ने कोरोना की परवाह न करते हुए प्रचार करना शुरू कर दिया है और इससे ऐसा लग रहा है कि विवाह शादियों से भी बढ़कर कोरोना का विस्फोट होगा। ऐसी स्थिति में प्रदेश में राजनैतिक कार्यक्रमों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। चुनाव या राजनीति से महत्वपूर्ण लोगों की जिंदगी है।