भाजपा: प्रत्याशी चयन की कवायद पूरी, दिल्ली में होगा फैसला

भाजपा: प्रत्याशी चयन की कवायद पूरी, दिल्ली में होगा फैसला
भोपाल  मध्य प्रदेश में तीन बार सत्ता का सुख भोग चुकी भाजपा अब चौथी पारी के लिए मैदान में उतर गई है| प्रत्याशी चयन को लेकर चल रही कवायद पार्टी ने पूरी कर ली है| रविवार देर रात तक चली बैठक के बाद सभी 230 सीटों पर विचार कर लिया गया है और अब इन नामों पर केंद्रीय चुनाव समिति फैसला लेगी|  वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज जनसम्पर्क का आगाज भी कर दिया है| पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के चुनाव क्षेत्र गोविंदपुरा में शिवराज वोट की अपील करने मैदान में उतरे| हालांकि शिवराज बुधनी से ही चुनाव लड़ने का बोल चुके हैं, लेकिन उनके गोविंदपुरा में प्रचार करने से सियासी चर्चा बढ़ गई है| इस सीट पर बाबूलाल गौर, कृष्णा गौर, आलोक शर्मा समिति कई भाजपा नेताओं की नजर है| चुनाव समिति के सदस्य कृष्ण मुरारी मोघे ने मीडिया से चर्चा में बताया कि प्रदेश स्तर पर अब चुनाव समिति की बैठक नहीं होगी, सभी 230 सीटों के नाम पर चर्चा हो चुकी है और पैनल बनाकर नाम केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेज दिए गए हैं| उन्होंने कहा जरुरत पड़ने पर सीएम क्षेत्रवार नेताओ से चर्चा करेंगे, मध्य प्रदेश में बीजेपी ने पहली बैठक में ही नाम तय कर लिए हैं| गौरतलब है कि भाजपा में प्रत्याशियों के नामों को फाइनल करने के लिए प्रदेश चुनाव समिति ने रविवार को देर रात तक मंथन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे, प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और कैलाश जोशी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने करीब सात घंटे तक एक-एक सीट पर चर्चा की।  सूत्रों के मुताबिक बैठक में सभी 230 सीटों पर विचार किया गया| इनमे से करीब पचास सीटों पर ही सिंगल नाम तय हुए हैं| वहीं शेष सीटों पर दो या तीन नामों के पैनल बने हैं| देर रात तक चली बैठक के दौरान यह बात सामने आई है कि भाजपा के मौजूदा 40 से 50 विधायकों के टिकट काटे जाएंगे जिनमें तीन चार मंत्री भी शामिल है, जिन विधायकों का टिकट कटना है उसका फैसला भी केंद्रीय चुनाव समिति ही लेगी | हालांकि टिकट कटने वाले नेताओं को इसकी सूचना पहले से दी जा सकती है| पार्टी के सर्वे और संघ के फीडबैक के बाद लगभग 80 विधायकों के टिकट काटने को लेकर चर्चा गर्म थी| संभावना है कुछ नामों पर पार्टी विचार कर दुबारा मौके दे सकती है, वहीं कुछ विधायकों का पत्ता साफ होना तय है| इसके अलावा सीट बदलने की स्तिथि पार्टी साफ कर चुकी है| इसके अलावा पार्टी कुछ सांसदों और पूर्व सांसदों को भी मैदान में उतार सकती है|