चीन की सीमा पर साजिश, बिछा रहा फाइबर केबल, भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

चीन की सीमा पर साजिश, बिछा रहा फाइबर केबल, भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
नई दिल्ली, भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति बरकरार है। मॉस्को में दोनों मुल्कों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बैठक के बाद ये उम्मीद लगाई जा रही थी कि शायद अब चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज आ जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ। चीन अब भी सीमा पर साजिश कर रहा है। अब चीन की ओर से सीमा पर फाइबर ऑप्टिकल केबल बिछाने की बात सामने आ रही है। लंबे समय तक ठहरना चाहता है चीन भारत के दो सीनियर अधिकारियों का कहना है कि चीन सीमा पर अपने संचार तंत्र को मजबूत बनाने के लिए चीन की सेना ऑप्टिकल फाइबर केबल्स का नेटवर्क बिछा रही है। अधिकारियों की मानें तो पीएलए की मंशा सीमा पर लंबे समय तक रुकने की है और इसलिए वह अपने संचार तंत्र को मजबूत करने में जुटी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस तरह के केबल लद्दाख के पैंगोंग त्सो लेक के दक्षिणी हिस्से में नजर आए हैं। अलर्ट पर भारतीय एजेंसियां अधिकारी ने कहा, 'हमारी सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि उन्होंने हाई स्पीड संचार कायम करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई है। वे झील के दक्षिणी हिस्से में केबल बिछाने का काम तेजी से कर रहे हैं।' एक अन्य अधिकारी के मुताबिक खुफिया एजेंसियों ने पाया है कि एक महीने पहले पीएलए ने झील के उत्तरी इलाके में भी इसी तरह की केबल बिछाई। अधिकारी का कहना है कि सैटेलाइट तस्वीरों में पैंगोंग त्सो झील के दक्षिणी हिस्से की रेत वाली जगहों पर असामान्य लाइनें नजर आई हैं, इसके बाद इस गतिविधि के बारे में संबंधित अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। चीन फिर वादाखिलाफी पर उतारू पिछले हफ्ते चीन भारत के विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत में गर्मी दिखी थी। बातचीत के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सख्त लहजे से कहा कि भारत तब तक अपनी सेना को पीछे नहीं करेगा जब तक चीन की सेना भारत के सभी इलाकों से पूरी तरह नहीं हट जाती। उन्होंने कहा कि एलएसी के हर बिंदु पर चीन को अपनी जगह पर वापस लौटना होगा तभी सीमा पर शांति बहाल हो सकती है। दूसरी बात जोकि बहुत महत्वपूर्ण है वो ये है कि एस जयशंकर ने कहा कि अगर सीमा पर शांति बहाल नहीं होती तो चीन को हर तरह के संबंधों में खटास आएगी। जयशंकर के कहने का मतलब साफ था कि चीन इस भ्रम में न रहे कि वो सीमा पर तनाव रखेगा और भारत से उसका व्यापार भी फलता फूलता रहेगा।