नई दिल्ली, चीन के साथ जारी तनाव के बीच संभावित युद्ध के लिए भारत पूरी तरह कमर कस चुका है। इसकी एक और बानगी भारतीय वायुसेना के ताजा फैसले में देखी जा सकती है। सेना ने भारत आ रहे राफेल युद्धक विमानों को मारक क्षमता बढ़ाने के लिए इसे हैमर मिसाइलों से लैस करने का आदेश फ्रांस को देने जा रहा है। हैमर मिसाइल 60 से 70 किमी की रेंज में किसी भी तरह के लक्ष्यों को ध्वस्त कर देती है।
वायुसेना ने हाल ही में मोदी सरकार से मिले विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए राफेल को और ज्यादा घातक बनाने में कर रही है। फ्रांस को इस विमान में हैमर मिसाइल लगाने का आपातकालीन आदेश देने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सरकारी सूत्रों ने बताया, 'हैमर मिसाइल के लिए ऑर्डर की प्रक्रिया चल रही है। फ्रेंच अथॉरिटीज ने भी बहुत कम वक्त में राफेल युद्धक विमान के लिए इन मिसाइलों की आपूर्ति पर राजी हो गई हैं।' उन्होंने कहा कि एयर फोर्स की तुरंत जरूरत के मद्देनजर फ्रेंच अथॉरिटीज दूसरे ग्राहकों के लिए सुरक्षित हैमर मिसाइलें भारत को देने को तैयार हो गई हैं। हालांकि, भारतीय वायुसेना के प्रवक्ता ने इस बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
हैमर मध्यम दूरी की हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल है। अभी फ्रांस की वायुसेना और नौसेना इन मिसाइलों का इस्तेमाल कर रही हैं। भारत के पास ये मिसाइलें आ जाने पर पहाड़ी इलाकों में किसी भी प्रकार के बंकर या मजबूत से मजबूत शेल्टरों को ध्वस्त करने की क्षमता आ जाएगी। ये पूर्वी लद्दाख जैसे पहाड़ी इलाकों में खासा उपयोगी साबित होंगी।
फ्रांस से 5 राफेल 29 जुलाई को भारत पहुंचने वाला है। इन विमानों के पहुंचने से पहले इनमें लगने वाली लंबी दूरी की स्काल्प (SCALP) मिसाइलें भारत पहुंच जाएंगी। फ्रेंच 17 गोल्डन एरोज के पायलट्स राफेल उड़ाकर भारत आएंगे। पहले इसकी डिलिवरी मई के आखिर तक ही होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के मद्देनजर भारत और फ्रांस ने इसे दो महीने टालने का फैसला किया।