rajesh dwivedi
सतना। नगर निगम सतना आईएसओ प्रमाण-पत्र के लिए कितना तैयार है, इसकी फायनल आॅडिट से पहले तैयारियों का जायजा लेने दिल्ली से आए आडिटर एनआर चंद्रशेखर एवं भोपाल से आए उनके सहयोगी योगेन्द्र द्विवेदी ने नगर निगम की तैयारियों व कमियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आईएसओ प्रमाण-पत्र के लिए निर्धारित मापदंडों से नगर निगम की कमियों को अवगत कराते हुए उन्हें इन मापदंडों के अनुरूप तैयारियां करने के निर्देश दिए। सोमवार की सुबह 11 बजे दिल्ली से आए आॅडिटर श्री चन्द्रशेखर व उनके सहयोगी ने नगर निगम की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ शाखाओं की तैयारियों पर जहां संतुष्टि दिखाई, वहीं कुछ शाखाओं की तैयारियों पर असंतोष भी व्यक्त किया। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड संधारण के कुछ तौर-तरीके भी बताए। इस दौरान उन्होंने कई शाखाओं में कार्यरत बाबुओं से यह जानना चाहा, कि सामने वाला यदि बीमार हो गया, तो उसके स्थान पर उसका काम कौन करेगा? इसका जबाव न तो कोई दे पाया और न ही यह बता पाया कि मैं सामने वाले का सहयोग करता हूं।
इनका हुआ निरीक्षण
पार्किंग व निगम प्रांगण, योजना शाखा, विद्युत शाखा, एनयूएलएम, राजस्व शाखा, संपत्तिकर शाखा भंडार शाखा, विधि, अतिक्रमण, जनसंपर्क, स्वास्थ्य शाखा, कमिश्नर स्टेनो (आवक-जावक), निर्माण शाखा, पेयजल, कॉलोनी सेल, लेखा, स्थापना, कैशियर, आवासीय संपरीक्षा कक्ष, अधिकारी कक्ष का निरीक्षण किया।
ये पूछा
कोई फाइल एक टेबिल पर कितने दिन तक रुक सकती है?
किसी रिकॉर्ड में कमी है, तो उसे हितग्राही को कैसे सूचित करते हो?
रिकॉर्ड में कमियों की लिस्टिंग करते हो या नहीं?
कोई जांच की फाइल तो पेडिंग नहीं?
आचार-संहिता लगने के पहले की कितनी फाइलें रुकी हैं?
क्या काम करते हो, यदि छुट्टी पर रहते हो, तो फिर तुम्हारा काम कौन करता है?
कौन-कौन सी फाइल आॅलमारी में है, इसकी कोई लिस्ट है?
टीम के ही इंतजार में हो, कोई और काम नहीं है क्या?
फाइलों का बस्ता कैसे बांधा जाता है, यह किसने बताया?
फाइलें शाखाओं में कहां से चलती हैं और अंत में कहां तक जाती हैं?
आलमारी की चाबी है, आलमारी खोलकर दिखाओं, कौन सा किसका रिकॉर्ड है?