MP में सड़क, कुआं, नदी, गड्ढे किनारे चल रही आंगनबाड़ी किराए के भवन में शिफ्ट होंगी
भोपाल
नदी, तालाब, कुआं, खुले गड्ढे और मुख्य सड़क किनारे स्थित आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में शिफ्ट किए जाएंगे। राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर ये फैसला लिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इसे लेकर मंगलवार को गाइड लाइन जारी की है। विभाग का कहना है कि तीन से छह साल के बच्चों की सुरक्षा, सुविधा और सुगमता को देखते हुए फैसले लिए जाएं।
अब नए आंगनबाड़ी केंद्र बसाहट के अंदर ही खोले जाएंगे। सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी सूरत में इस उम्र के बच्चों को मुख्य सड़क पार न करना पड़े और केंद्र के आसपास नदी, नाला, कुआं, खुला गड्ढा, तालाब न हो। यदि ऐसी स्थिति है तो बच्चों की सुरक्षा के प्रबंध करें और ऐसा मुमकिन न हो, तो सरकारी भवन छोड़कर किराए के भवन में शिफ्ट हो जाएं। शासन ने एकीकृत बाल विकास परियोजना के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
एससी-एसटी बहुल गांवों को दें प्राथमिकता
नए आंगनबाड़ी केंद्र खोलने के लिए ग्रामों के चयन को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों में अनुसूचित जाति-जनजाति बहुल ग्राम या बसाहटों को प्राथमिकता दी जाना है। साथ ही अति कुपोषण की उच्च दर वाले क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जाना है। वहीं, जिन ग्रामों में प्राइमरी स्कूल परिसर में भवन निर्माण की जगह हो। उसे प्राथमिकता दी जाए। आंगनबाड़ी भवनों में बच्चों के खेलकूद के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए।
35 हजार भवन बदलने पड़ेंगे
सूत्रों के मुताबिक नए मापदंडों के तहत प्रदेश में करीब 35 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों को दूसरे भवनों में शिफ्ट करना पड़ेगा। ये भवन नए मापदंडों के किसी न किसी नियम को पूरा नहीं करते हैं। ज्ञात हो कि प्रदेश में एक लाख 92 हजार आंगनबाड़ी केंद्र हैं।
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