नई दिल्ली, सचिन पायलट और 18 अन्य उनके समर्थक विधायकों के बागी होने के बाद राजस्थान कांग्रेस में अभी तक सियासी संकट बरकरार है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से फौरन विधानसभा सत्र बुलाने की मांग पर राज्यपाल की तरफ से मंजूरी नहीं मिलने के बाद एक तरफ जहां गहलोत ने धमकी देते हुए यहां तक कह दिया कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो लोग राजभवन का घेराव करने आ जाएंगे तो वहीं कांग्रेस कह रही है कि राज्यपाल केन्द्र में ‘मास्टर’ के इशारे पर काम कर रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में फ्लोट टेस्ट कराना चाह रही है, और इसके लिए अनुरोध कर रही है लेकिन राज्यपाल विधानसभा का सत्र नहीं बुला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल केन्द्र सरकार के इशारे पर ट्रस्ट वोट में देरी कर रहे हैं। विधानसभा सत्र शुरु करने को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले और कई वाकये का हवाला देते हुए राज्यपाल अपने हिसाब से नहीं चल सकते हैं और सिर्फ राज्य मंत्रिमंडल की सलाह पर ही तय कर सकते हैं।