awdhesh dandotia
मुरैना/जौरा। अब हम कभी नही लडेंगे, एक-दूसरे की भावनाओं का आदर करेंगे, ऐसा ही हमारे संवाददाता से जौरा न्यायालय में लगी लोक अदालत में पति-पत्नी के एक मामले में राजीनाम के बाद दम्पत्ति ने कहा।

एडवोकेट खलिद कुर्रेशी द्वारा दी जानकारी के अनुसार जौरा न्यायालय में एडीजे एके सिंह, न्यायाधीश जयप्रताप चिठार, श्रीमती रंजना चतुर्वेदी के यहां रेतुअन का पुरा निवासी अशोक कुशवाह एवं उसकी पत्नी श्रीमती गीता के बीच सात वर्ष से भरण पोषण, दहेज आदि का मामला चल रहा था। दोनों पति-पत्नी सात वर्ष से अलग-अलग रह रहे थे। 14 जुलाई को लोक अदालत के दौरान न्यायाधीशगणों की समझाईश के बाद दोनों में राजीनाम हो गया। राजीनामा पश्चात दम्पत्ति का फूल मालाओं से स्वागत भी किया गया। राजीनाम पश्चात दोनों लोग बेहद खुश नजर आ रहे थे। उन्होंने अब साथ-साथ रहकर बिना विवाद के रहने की बात कही। इस दौरान एडवोकेट अनिल अग्रवाल, अवधेश सिंह सिकरवार, अरविंद पाराशर, संजय गुप्ता, खालिद कुर्रेशी, संजीव तिवारी आदि थे। लोक अदालत के दौरान विद्युत विभाग, नगर परिषद, एसबीआई सहित अन्य शासकीय संस्थाओं को कांउटर न्यायालय में लगाऐ गये कांउटरों पर उपभोक्ताओं की मौजूदगी काफी कम देखी गई। विद्युत बिलों में माफी योजना के चलते भी उपभोक्ता कम आऐ।