दिसपुर, देश के पूर्वोत्तर का इलाका इस वक्त बाढ़ से जूझ रहा है. खासकर असम के गांव-जिले और शहर इससे अधिक प्रभावित हैं. यहां कई लोगों की जान जा चुकी है. इस बाढ़ से सिर्फ इंसान ही नहीं बल्कि जीव-जंतु भी प्रभावित हुए हैं. असम में बाढ़ के कारण काजीरंगा नेशनल पार्क का 80 प्रतिशत हिस्सा डूब गया है. इससे वहां संरक्षित वन्य प्रजातियों के अस्तित्व पर संकट आ गया है.
बाढ़ के कारण काजीरंगा नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व, बोकाहाट में 96 जानवरों की मौत हो गई है. असम सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ के कारण 8 गैंडों, 3 जंगली भैंसों, 7 जंगली सूअर, 2 दलदल हिरण, 74 हॉग हिरण और 2 पोरपाइन की मौत हो गई है.
170 जानवरों को बचाया गया
इससे पहले काजीरंगा पार्क के निदेशक, पी शिवकुमार ने कहा था कि बाढ़ के कहर से अब तक 170 जानवरों को बचाया गया है. बाढ़ जैसी स्थिति में जानवरों के लिए बहुत भारी संकट पैदा हो जाता है. जानवरों के लिए भी कई तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल असम में हालात को ठीक होने में समय लगेगा.
36 लाख लोग हुए बाढ़ से प्रभावित
एक आधिकारिक बुलेटिन में कहा गया है कि असम में बाढ़ के कारण पांच और लोगों की मौत हो गई जबकि पूरे प्रदेश के 28 जिलों में 36 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. असम प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बुलेटिन में कहा है कि असम के धुबरी, दरांग, बोंगईगांव, गोलपाड़ा एवं कामरूप जिलों में एक एक व्यक्ति की मौत हुई है. इसमें कहा गया है कि गुरुवार को प्रदेश के 33 जिलों में से 27 जिलों के 39.8 लाख लोग इस जल प्रलय :बाढ़: के कारण प्रभावित हुए थे.
बुलेटिन में कहा गया है कि इस साल प्रदेश में बाढ़ एवं भूस्ख्लन से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़ कर 102 हो गई है. प्रदेश में बाढ़ संबंधी घटनाओं में 75 लोगों की मौत हो गई थी जबकि भूस्खलन में 26 लोगों की मौत हो चुकी है.