अपने ही अधिकारियों के विरुद्ध धरने पर बैठी उज्जैन महापौर

अपने ही अधिकारियों के विरुद्ध धरने पर बैठी उज्जैन महापौर
brijesh parmar उज्जैन।निगम की रत्नाखेड़ी गौशाला में एक बार फिर दर्जनों से गायों की मौत हुई है। इसे लेकर उज्जैन नगर निगम महापौर मीना जोनवाल महापौर परिषद के सदस्यों के साथ धरने पर बैठ गई। उनका कहना था कि रत्नाखेड़ी गौशाला में कर्मचारियों की कमी और कुप्रबंधन के कारण गायों की मौत हो गई। बुधवार को महापौर, एमआईसी सदस्य और भाजपा पार्षद अपनी ही गौशाला के बाहर अपने ही अधिकारियों के खिलाफ धरना देने चिंतामन रोड़ स्थित रत्नाखेड़ी पहुंचे। महापौर एवं पार्षदों का कहना था कि नगर निगम आयुक्त द्वारा शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में स्टार रेटिंग दिलाने के चक्कर में नगर निगम द्वारा किये जाने वाले अन्य कार्यों से कर्मचारियों को हटाकर स्वच्छता अभियान में लगा दिया गया है। अधिकारियों के कार्यालय में नहीं बैठने से आम लोगों के साथ पार्षदों के काम भी पकड़कर रखे जाते हैं और उनकी देखरेख के लिये पर्याप्त स्टाफ भी तैनात किया गया था लेकिन आयुक्त प्रतिभा पाल ने स्वच्छता अभियान के चलते रत्नाखेड़ी गौशाला के अधिकांश कर्मचारियों यहां से हटाकर दूसरे काम में लगा दिया गया जिसका परिणाम यह रहा कि गौशाला में पल रहीं 20 गायों की मौत हो गई। महापौर द्वारा स्वयं आयुक्त व अधिकारियों के खिलाफ धरना देने की सूचना मिलते ही नगर निगम अधिकारी ताबड़तोड रत्नाखेड़ी पहुंचे। पार्षदों ने आयुक्त पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि हम भी चाहते हैं कि उज्जैन शहर को स्वच्छता अभियान में स्टार रेटिंग मिले लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि नगर निगम से जुड़े आम लोगों के काम प्रभावित हों, जबकि वर्तमान में आयुक्त द्वारा नगर निगम से संबंधित अन्य कार्यों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।रत्नाखेडी गौशाला की क्षमता 350 गायों की है और इसमें 700 से अधिक गायों को वर्तमान में रखा जा रहा है। कुछ दिनों पूर्व भी यहां एक साथ आठ से अधिक गायों की मौत हुई थी । -आवारा मवेशी पकडने के दौरान शहर में घुमने वाली गायों को पकड़ कर गौशाला में रखा जाता है। जानकारी लगने पर हमने पशु चिकित्सा विभाग के दल से गायों की मौत का परीक्षण करवाया है।रिपोर्ट में मृत गायों के पालिथीन खाने से कमजोर होने का कारण आया है।बाकी के मुद्दों की मुझे जानकारी नहीं है। प्रतिभा पाल , आयुक्त नगर निगम,उज्जैन