इंजीनियरिंग के बाद अब MBA-MCA में विद्यार्थियों को मुफ्त दाखिला

इंजीनियरिंग के बाद अब MBA-MCA में विद्यार्थियों को मुफ्त दाखिला

भोपाल 
प्रदेश के कालेजों को इंजीनियरिंग के बाद अब एमबीए और एमसीए में विद्यार्थियों को आगामी सत्र 2019-20 में निशुल्क पढ़ाने का मौका मिलेगा। एआईसीटीई के निर्देश के मुताबिक अब तकनीकी शिक्षा विभाग एमबीए और एमसीए की पांच फीसदी सीटों पर प्रवेश कराने काउंसलिंग कराएगा। 

प्रदेश के इंजीनियरिंग के साथ अब एमबीए और एमसीए कोर्स का संचालन करने वाले कालेज अपनी पांच फीसदी सीटों पर निशुल्क प्रवेश करा पाएंगे। एआईसीटीई उन्हें अपने कुल इंटेक का पांच फीसदी सीटों को अलग से प्रवेश कराने के लिए देगा। इसमें आठ लाख सालाना आय वाल परिवार का बच्चे टीएफडब्ल्यू (ट्यूशन फीस वेबर स्कीम) के तहत प्रवेश ले पाएगा। डीटीई इंजीनियरिंग के साथ एमबीए और एमसीए की काउंसलिंग कराएगा। ये काउंसलिंग सामान्य काउसंलिंग के पहले आयोजित कर टीएफडब्ल्यू की सीटों पर प्रवेश होंगे। 

गत वर्ष 162 कालेजों में से करीब 90 कालेजों में तीस फीसदी से कम प्रवेश हुए थे। इससे वे अपनी कुल इंटेक की पांच फीसदी सीटों पर टीएफडब्ल्यू के तहत प्रवेश नहीं दे पाएंगे। पहली बार एमबीए और एमसीए में भी तीस फीसदी प्रवेश का नियम लागू होगा। इसलिए दोनों कोर्स में तीस फीसदी से कम प्रवेश होने पर कालेज टीएफडब्ल्यू पर प्रवेश नहीं दे पाएंगे। गत वर्ष डीटीई ने प्रदेश के कालेजों की टीएफडब्ल्यू की 1 हजार 922 सीटों में दाखिला देने के लिए काउंसलिंग कराई थी, जिसमें 978 सीटों पर ही प्रवेश हुए थे। 

एआईसीटीई ने कालेजों की मान्यता और निरंतरता जारी करने का सिलसिला जारी कर दिया है। अभी तक राज्य के करीब डेढ सौ कालेज राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तक अपनी मान्यता और निरंतरता का पत्र नहीं दे पाए हैं। वहीं डीटीई ने 29 मई तक आवेदन कर तीस मई तक सत्यापन कराने के लिए कालेजों को मौका दिया है। तीस मई के बाद कालेजों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसके बाद डीटीई काउंसलिंग में सत्यापित कालेजों की सीटों पर प्रवेश कराने का कार्यक्रम जारी करेगा।