कलेक्टर डाॅ. शुक्ला ने कि स्कूलों को अकादमिक मॉनिटरिंग
जशपुुरनगर
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान 2018-19 के अंतर्गत जिले की फोकस शालाओं की अकादमिक मॉनिटरिंग चल रही है। दुलदुला विकासखंड की ऐसी ही दो फोकस शालाओं, प्राथमिक शाला सरहापानी और प्राथमिक शाला कोरना की अकादमिक मॉनिटरिंग के लिए बुधवार को जशपुर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला पहुंचीं।
अकादमिक मॉनिटरिंग करते हुए डॉ शुक्ला ने बच्चों से लर्निंग आउटकम पर आधारित प्रश्न पूछे प्राथमिक शाला सरहापानी की कक्षा 5वी की छात्रा कु. खुशबु ने 22 और कृष्णा यादव ने 23 का पहाडा सुनाया, जबकि प्राथमिक शाला कोरना के छात्र मनोज राम ने 29 और कु. नीलम मांझी ने 24 का पहाडा सुनायाप् बच्चो ने न केवल सामान्य ज्ञान के प्रश्नों का सही जवाब दिए बल्कि हासिल के जोड़ व घटाव के सवाल भी सही सही हल कर के दिखाए।
डॉ. शुक्ला ने बच्चों को कई उदाहारणों के माध्यम से प्रेरित करते हुए समझाया कि मन लगाकर अच्छे से पढ़ाई करना जरूरी है। जहां भी समझ में न आये शिक्षको से बिना किसी डर के प्रश्न पूछे। तभी समझ विकसित होगी जो भविष्य में काम आयेगी। प्राथमिक शाला में समझ करके पढ़ाई करने से आगे की पढ़ाई आसान हो जाती है। रटने से कोई लाभ नहीं होता है। अगर अभी समझकर नहीं पढ़ाई की तो बडी कक्षाओं में पढ़ाई करते समय फिर से प्राथमिक शाला की किताबें पढ़नी पड़ेगी। इसलिए समझकर पढ़े और अपने प्रश्न शिक्षको के सामने खुलकर रखे।
डाॅ. शुक्ला ने शिक्षको से भी चर्चा कर उन्हें समझाया कि शाला में ऐेसा वातावरण बनाये कि बच्चे शिक्षको से घुल-मिल जाये और बिना किसी संकोच के सवाल पूछ सकें। बच्चों के भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आपके कंधों पर है। इसलिए आप पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना दायित्व पूर्ण करें।
कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं अभिभावको से चर्चा करते हुए कहा कि प्रतिदिन अपने बच्चों को शाला पढ़ने के लिए भेजें। बच्चे प्रतिदिन शाला में क्या सीखे यह जरूर शाम या रात में पूछे। उन्होंने शाला के नियमित संचालन, शिक्षको की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन आदि के बारे में जानकारी ली। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. शुक्ला को अपनी समस्याएं बताई। समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए डॉ. शुक्ला ने निर्देश दिये।
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