कानपुर एनकाउंटर : आईजी की कनपटी के पास से निकली थी, एसएसपी के सीने में लगी थी गोली

कानपुर एनकाउंटर : आईजी की कनपटी के पास से निकली थी, एसएसपी के सीने में लगी थी गोली

कानपुर
आपको जानकर हैरत होगी कि कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने के बाद हमलावरों से मुठभेड़ में एसएसपी के सीने में गोली लगी थी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से उनकी जान बच गई। वहीं, आईजी की कनपटी को छूते हुए गोली निकल गई थी। मुठभेड़ की फर्द की जांच के दौरान यह बात सामने आई है।

घटना की सूचना मिलने के बाद एसएसपी दिनेश कुमार पी और आईजी रेंज मोहित अग्रवाल ने इलाके की नाकेबंदी करवा दी। इसके साथ ही इनके नेतृत्व में पुलिस की कई टीमों ने कॉम्बिंग शुरू कर दी। काशीनेवादा गांव में पांच संदिग्धों को टीम ने रोकने का प्रयास किया तो सभी भागने लगे। इसके बाद पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। मुठभेड़ के दौरान दिनेश कुमार पी हमलावरों के बहुत नजदीक पहुंच गए और एसपी वेस्ट कवर फायर कर रहे थे। इस दौरान एक गोली एसएसपी के सीने में लगी लेकिन बुलेटप्रूफ जैकेट होने से बाल-बाल बच गए। वहीं, दूसरी तरफ आईजी ने मोर्चा संभालते हुए आगे बढ़ने के लिए सिर उठाया तो गोली कनपटी से बालों को छूते हुए निकल गई। इसके बाद पुलिस ने विकास दुबे के चचेरे भाई अतुल दुबे और उसके मामा प्रेमप्रकाश पांडेय को मार  गिराया था। आईजी के मुताबिक एसएसपी के सीने में गोली लगी थी, मेरी भी कनपटी के बगल से गोली निकल गई थी। इसके बाद बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया था। विकास समेत भागे हुए सभी बदमाशों का यही हाल होगा।

बिहार और राजस्थान में भी हो रही तलाश: 

 कानपुर पहुंचे एडीजी जोन ने कहा कि दूसरे राज्यों में भी वहां की पुलिस टीमें बनाकर विकास दुबे को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। आईजी के मुताबिक विकास ने किसी आतंकी घटना के तहत इसे अंजाम दिया है। आतंकवादियों का जो हाल किया जाता है। वही हाल विकास दुबे और उसके गुर्गों का होगा। एडीजी जोन जेएन सिंह ने बताया कि प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा के अधिकारी भी लगातार संपर्क में हैं। वहां पर भी पुलिस ने टीमें बनाकर तलाश शुरू कर दी है। विकास की तलाश के लिए शहर के सभी थानों में दो टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। जो पुलिस कर्मी जिस काम में एक्सपर्ट है उसे वह कार्य सौंपा गया है।