गेहूं की नीलामी विवाद के बाद पुलिस की देखरेख में शुरू हुई करोद मंडी
भोपाल
करोद स्थित गल्ला मंडी में गत दिवस नीलामी के दौरान हुए विवाद को देखते हुए आज जिला प्रशासन ने पुलिस और मंडी कर्मचारियों की देखरेख में नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई। एक सब इंस्पेक्टर सहित आधा दर्जन से अधिक पुलिस बल की मौजूदगी में खरीदी केंद्र में नीलामी शुरू हुई, ताकि कोई विवाद ना हो सके। वहीं, कल के विवाद के बाद जो किसान अपनी उपज तुलवा नहीं पाए थे। आज सबसे पहले उन्हें मौका दिया गया। नायब तहसीलदार सुरेश सिंह आज सुबह से ही मंडी में तैनात है और कलेक्टर के निर्देश पर पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं, कलेक्टर सुदाम खाडे ने इस विवाद को लेकर एसडीएम हुजूर राजकुमार खत्री को जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि अब तक इस मामले की एसडीएम ने जांच शुरू नहीं की है। संभवत: शाम तक इस मामले की रिपोर्ट कलेक्टर के पास पहुंचे। इसके अलावा किसानों ने मंडी सचिव पर कार्रवाई की मांग की है। किसानों का आरोप है कि सचिव कर्मचारियों के साथ मिलकर किसानों को परेशान कर रहे हैं और उन्हें उपज की कम कीमत दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि जब विवाद हो रहा था तब मंडी सचिव कैबिन में बैठे थे, लेकिन बाहर नहीं आए।
मंगलवार दोपहर में गेहूं की नीलामी के दौरान किसानों और मंडी के कर्मचारियों के बीच जमकर विवाद हुआ था। मंडी कर्मचारी सुरेश शाक्यवार और मुन्ना खान को नीलामी के लिए बोली लगाने के काम में लगाया गया था। एक किसान की फसल की बोली 1800 रुपए प्रति क्विंटल से बोली शुरू की गई, लेकिन कर्मचारियों ने व्यापारियों से सांठगांठ कर इस बोली को 1725 कर दी। जिसके बाद किसान ने इसका विरोध किया, तो कर्मचारी ने किसान के साथ गाली-गलौच शुरू कर दी। इसके बाद विवाद बढ़ने पर मंडी कर्मचारियों ने एकत्रित होकर किसानों को खदेड़ दिया और उनके साथ हाथापाई भी की गई। हंगामा होता देख मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन के लोगों ने किसानों को सुरक्षित बचाया। इसके बाद पुलिस ने मामले में तीन मंडी कर्मचारियों को हिरासत में लिया है, हालांकि उन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस दौरान नीलामी की प्रक्रिया बंद कर दी गई थी।
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