दाऊद इब्राहिम और डी कंपनी के सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई को सहमत हुआ अमेरिका

नई दिल्ली 
भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और उसके सहयोगियों पर जल्द ही शिकंजा कस सकता है। दरअसल, दाऊद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने पर अमेरिका सहमत हो गया है। गुरुवार को भारत और अमेरिका के बीच हुई 2+2 वार्ता के दौरान US ने डी-कंपनी के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लेने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों पक्षों की ओर से जारी संयुक्त बयान में डी-कंपनी और उसके सहयोगियों जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए 2017 में शुरू की गई द्विपक्षीय वार्ता का भी जिक्र किया गया।  


आपको बता दें कि भारतीय एजेंसियों को कई वर्षों से मुंबई धमाके के मास्टरमाइंड की तलाश है। अमेरिका का सहयोग मिलने से दाऊद को पकड़ने में कामयाबी मिल सकती है। माना जा रहा है कि दाऊद कई वर्षों से पाकिस्तान में छिपा है और वहीं से अपना काला कारोबार चला रहा है। 

हमारे सहयोगी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दाऊद के खिलाफ खुफिया जानकारियों को साझा करना भारत के लिए अब तक काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि इससे डी-कंपनी में मौजूद सूत्रों की जान खतरे में पड़ सकती थी। 

हालांकि अब द्विपक्षीय प्लैटफॉर्म में इस तरह की सहमति बनने से अब सभी जानकारियां अमेरिका को साझा की जा सकेंगी। दरअसल, दाऊद और उसके साथियों की काफी संपत्ति अमेरिका में है और अब भारत की सूचना पर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार को दोनों देशों ने महत्वपूर्ण COMCASA अग्रीमेंट पर भी हस्ताक्षर किए। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सीमा पार आतंकवाद, भारत की एनएसजी दावेदारी और H1B वीजा पर भी बात हुई। 

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो व रक्षा मंत्री जिम मैटिस और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने साफ कहा कि पाकिस्तान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसकी धरती का इस्तेमाल दूसरे देशों पर आतंकी हमले के लिए न हो। इसके साथ ही पाकिस्तान से मुंबई, पठानकोट समेत दूसरे बड़े आतंकी हमलों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को भी कहा गया।