दिल्ली दरबार से आज हो सकता है कमलनाथ कैबिनेट में विभागों का बंटवारा
भोपाल
कमलनाथ कैबिनेट के मंत्रियों के विभागों का बंटवारा आज हो सकता है. अब फैसला दिल्ली दरबार से होना है. भोपाल में दिग्गजों की आपसी खींचतान के कारण मंत्रियों को दो दिन बाद भी पोर्टफोलियो नहीं मिल पाए हैं. कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने-अपने मंत्रियों को अपनी पसंद के विभाग देने पर अड़े थे इसलिए बात नहीं बन पायी.
शपथ ग्रहण के दो दिन बाद भी कमलनाथ कैबिनेट के मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है.बुधवार देर रात तक सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच लंबी बैठक चलती रही लेकिन विभागों के बंटवारे पर एक राय नहीं बन पायी.
दरअसल पार्टी के तीन दिग्गजों कमलनाथ, दिग्विजय और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच अपने समर्थक मंत्रियों को पसंदीदा विभाग दिलाने की ज़िद में मामला अटका हुआ है. वित्त, गृह और परिवहन विभाग सबकी पसंद बने हुए हैं. जब यहां मामला नहीं सुलझ पाया तो आख़िरी फैसला पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया गया.
कमनलाथ कैबिनेट के मंत्रियों के बीच आज विभाग का बंटवारा हो सकता है. ख़बर है कि गृह विभाग पर मामला सबसे ज़्यााद पेचीदा हो गया था. सीएम कमलनाथ ये विभाग बाला बच्चन को देना चाहते हैं, लेकिन दिग्विजय सिंह की पसंद गोविंद सिंह हैं. लेकिन सिंधिया तुलसी राम सिलावट की सिफाऱिश कर रहे हैं. चर्चा ये भी है कि दिग्विजय सिंह वित्त विभाग अपने बेटे जयवर्धन को दिलवाना चाहते हैं क्योंकि जयवर्धन ने दिल्ली के प्रतिष्ठित श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएनशन किया और फिर अमेरिका से फायनेंस की पढ़ाई करके लौटे हैं.
इस बीच ये भी ख़बर है कि कुछ मंत्री अपनी पसंद के विभाग लेने के लिए अपने नेताओं के ज़रिए लगातार दबाब बनाए हुए हैं. जीतू पटवारी जनसंपर्क विभाग लेना चाहते हैं, वहीं डॉक्टर होने के कारण विजयलक्ष्मी साधौ की पहली पसंद मेडिकल एजुकेशन विभाग है.
विभागों के बंटवारे को लेकर इस कदर खींचतान मची कि दिग्विजय सिंह ने अपना दिल्ली जाना टाल दिया. उन्हें बुधवार रात दिल्ली रवाना होना था, लेकिन अब वो गुरुवार को दिनभर भोपाल में ही रहेंगे. अगर विभाग बंट गए तो गुरुवार रात वो दिल्ली रवाना हो सकते हैं.
विभागों का बंटवारा इस मायने भी महत्वपूर्ण होगा कि कैबिनेट की पहली बैठक में कमलनाथ कह चुके हैं कि अब मंत्री ही विभाग चलाएंगे, मुख्यमंत्री सचिवालय से काम नहीं होगा.
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