बापू के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने शुरू की गांधी दर्शन पदयात्रा

बापू के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने शुरू की गांधी दर्शन पदयात्रा

इंदौर
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के सिद्धांत और विचारों को लोगों तक पहुंचाने के लिए आज इंदौर से गांधी दर्शन पदयात्रा (Gandhi Darshan Padayatra) शुरू हुई, जो कि 9 दिन बाद भोपाल पहुंचेगी. गांधी दर्शन पदयात्रा के माध्यम से मध्‍य प्रदेश की कांग्रेस सरकार (Congress Government) महात्मा गांधी के सिद्धांतों, उनके विचारों और संदेशों को समाज की नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करेगी. जबकि आज इंदौर (Indore) के रीगल चौराहे पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद हिन्दी साहित्य भवन से इस यात्रा की शुरुआत हुई. इस हिन्दी साहित्य भवन का उद्घाटन खुद महात्मा गांधी ने किया. इसलिए यहां से यात्रा की शुरुआत की गई है.

यात्रा से पहले सभी धर्मों के गुरुओं ने बापू के आदर्शों पर चलने और एकता का संदेश दिया. इस दौरान गांधी के संकल्पों का याद दिलाया. वहीं ये यात्रा 27 नवंबर को राजधानी भोपाल के पॉलीटेक्निक चौराहा स्थित गांधी भवन पर समाप्त होगी. इस पदयात्रा में 100 युवाओं के अलावा कांग्रेस के कार्यकता और गांधीवादी विचारक भी शामिल हैं. साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं. पदयात्रा के दौरान गांधी के प्रसिद्ध भाषणों और उनके संघर्षों को बड़ी एलईडी स्क्रीन पर आम लोगों को दिखाया जाएगा. इस पदयात्रा का संचालन मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव कर रहे हैं.

गांधी दर्शन पदयात्रा में शामिल लोग रोज 20 किलोमीटर से ज्यादा पैदल सफर करेंगे, क्योंकि 9 दिनों में यात्रा को पूरा करना है. इस यात्रा के प्रत्येक रात्रि विश्राम स्थल पर गांधी के विचारों को लोगों और युवाओं तक पहुंचाने के लिए नाटक का आयोजन होगा. पदयात्रा के प्रभारी राकेश सिंह यादव ने बताया कि इस यात्रा का मकसद युवाओं को गांधीजी के विचारों से जोड़ना है. यात्रा में गांधी दर्शन वाहन चल रहा है जिसमें बापू के भजनों और संदेशों को प्रदर्शित करता एक रथ है. इसके अलावा एलईडी पर गांधी के किए कार्यों और उनके प्रसिद्ध भाषणों को दिखाया जा रहा है. यात्रा के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कमलनाथ भी शामिल होंगे और वह टोली में शामिल 100 युवाओं को सम्‍मानित करेंगे.