बिहार सरकार देगी लोगों को तीन बड़ी सौगात, जिंदगी होगी आसान
पटना
आने वाले समय में बिहार सरकार आम लोगों को तीन बड़ी सौगात देने जा रही है. इसमें से सबसे पहला तो ये कि होली बाद एक अप्रैल से रजिस्ट्री के साथ ही मकान, दुकान, फ्लैट जमीन का दाखिल- खारिज अपने आप हो जायेगा. वहीं एक मई से सभी थाने ऑनलाइन हो जायेंगे जिससे लोगों को काफी सहूलियत होगी. साथ ही गंगा नदी पर तीन और कर्मनाशा नदी पर एक पुल अगले साल चालू हो जायेगा जिससे आवागमन और बेहतर हो जायेगा.
होली के बाद सरकार राज्य के करोड़ों लोगों को बड़ी सौगात देने जा रही है. लोगों को जमीन के दाखिल- खारिज के लिए किसी भी सरकारी कार्यालय नहीं जाना होगा. आवेदन भी नहीं करना होगा. 31 मार्च से मकान, दुकान, फ्लैट जमीन आदि की रजिस्ट्री के साथ ही म्यूटेशन की प्रक्रिया ऑटोमैटिक (स्वत:) शुरू हो जायेगी. अभी लोगों को म्यूटेशन के लिए रजिस्ट्री कराने के बाद डीड की फोटो कॉपी लगाकर ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है.
अभी यह सुविधा सिर्फ उन्हीं क्रेताओं को दी जायेगी जिन्होंने जमाबंदीदार रैयत से जमीन की खरीद की हो . वैसे विक्रेता जिनके नाम पर जमाबंदी कायम नहीं है और उनके नाम से रसीद भी नहीं कटता है उनसे अगर जमीन की खरीद करते हैं तो पहले की तरह ही ऑनलाइन म्यूटेशन की प्रक्रिया के तहत दाखिल- खारिज कराना होगा.
पहले फेज के तहत बिहार के 894 थानों में क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) का काम पूरा हो गया है. इस वर्ष अप्रैल तक निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध मार्च मध्य में ही सीसीटीएनएस काम पूरा कर लिया गया है. अब पुलिस मुख्यालय ने सेकेंड फेज के तहत 162 थानों में सीसीटीएनएस के तहत काम की शुरुआत कर दी है. इसे भी अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस हिसाब से एक मई तक राज्य के सभी थाने सीसीटीएनएस की सुविधा से लैस हो जायेंगे.
गौरतलब है कि जिन थानों को सीसीटीएनएस के तहत ऑनलाइन किया जा रहा है, वो न्यायालय से भी लिंक हो जा रहे हैं. इसके कारण थानों से कोर्ट तक एफआइआर, केस डायरी , चार्जशीट आदि को डिजिटल तरीके से भेजने की शुरुआत की गयी है. अप्रैल के अंत तक सभी 1094 थानों के लिए यह सुविधा लागू हो जायेगी. वहीं, पुलिस मुख्यालय इस वर्ष अप्रैल से नौ ऑनलाइन सुविधाओं की शुरुआत करने जा रहा है.
जैसे ही सीसीटीएनएस के तहत सभी 1094 थानों को ऑनलाइन करने का काम पूरा होगा. वैसे ही पुलिस विभाग एक पोर्टल को लांच करेगा. फिर पोर्टल के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन शिकायत से लेकर सीनियर सिटीजन रजिस्ट्रेशन सहित अन्य सात सुविधाएं मिलेंगी.
बिहार में गंगा नदी पर तीन और कर्मनाशा नदी पर एक पुल से होकर अगले साल आवागमन शुरू हो जायेगा. इनमें पटना के महात्मा गांधी सेतु का पूर्वी लेन, मुंगेर पुल, सुल्तानगंज-अगवानीघाट पुल और कर्मनाशा नदी पर बक्सर-चौसा पुल शामिल हैं. इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन बेहतर हो जायेगा.
साथ ही राज्य के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों का भी विकास होगा. चारों पुलों सहित उनके एप्रोच रोड को बनाने का काम जारी है. फिलहाल गंगा नदी पर छह पुलों से होकर आवागमन जारी है. इनमें बक्सर सेतु, पटना में महात्मा गांधी सेतु का पश्चिमी लेन, पटना में जेपी सेतु, मोकामा में राजेंद्र सेतु, भागलपुर में विक्रमशिला सेतु और आरा-छपरा पुल शामिल हैं.
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