मानसून दौरान सब्जियों में आग, ग्राहकों की जेबों को लग रहा है चूना

एक सप्ताह पहले हुई बारिश के बाद सब्जियों के भावों में तो जैसे उबाल आ गया हो। बारिश से सब्जियों के खराब होने के बाद मंडी में सब्जी नहीं आ रही है। मांग ज्यादा होने और आवक कम होने के कारण सब्जियां महंगी हो गई हैं और दुकानदार मनमर्जी के दाम वसूल रहे हैं। सब्जियों के दाम बढ़ने से लोगों की रसोई का बजट बिगड़ा है।

हालात यह हैं कि लोग मंडी में सब्जी लेने तो जाते हैं लेकिन यह समझ में नहीं आ रहा कि सब्जियां क्या लें और क्या नहीं। आम आदमी की परेशानी यह है कि सब्जियों के दाम भी ज्यादा और सब्जियां ताजी भी नहीं मिल रहीं। मंडी में आने वाले हर व्यक्ति की नजरें ताजी सब्जियां तलाश रही हैं। इस समय महंगाई की सबसे बड़ी वजह बारिश को माना जा रहा है जबकि इसकी बड़ी वजह कालाबाजारी और दुकानदारों के मनमर्जी से रेट वसूलना तथा मंडी बोर्ड की वैबसाइट पर रेटों के बारे में जानकारी न होना है।

 
सितम्बर में पहले सप्ताह के बाद ही सस्ती होंगी सब्जियां 
दुकानदार भगत ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में लगातार लैंड स्लाइड व बारिश के कारण रास्ते बंद हैं। ऐसे में सब्जियों की आवक प्रभावित हो रही है। बारिश थमने के साथ ही सब्जियां एक बार फिर सस्ती हो जाएंगी। वहीं सितम्बर के पहले हफ्ते के बाद सब्जियां सस्ती होने की उम्मीद है। यहां लोकल सब्जियों में अभी पौध लगाई जा रही है जबकि सर्दियों में लगाई गई सब्जियां बारिश के साथ ही खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में महंगाई बढ़ी है।