मोदी सरकार ने 33% कम खरीदे हथियार, फ्रांस-इजरायरल को तगड़ा फायदा
नई दिल्ली
एक वक्त था जब दुनिया का सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वाले देशों में भारत आगे की पंक्ति में शुमार होता था। लेकिन, पिछले कुछ सालों में भारत ने हथियारों की खरीददारी काफी कर दी है। SIPRI की एक रिपोर्ट के मुताबि मोदी सरकार ने हथियारों की खरीदादारी में 33 फीसदी से ज्यादा कमी कर दी है। हालांकि, इसी में अनुमान ये भी लगाया गया है कि आने वाले 5 सालों में फिर से भारत सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वाले देशों में शुमार हो सकता है।
एसआईपीआरआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार ने देश को हथियार खरीदी के मामले में आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया हुआ है। लिहाजा भारत सरकार सिर्फ जरूरी हथियारों की खरीदारी पर ही ध्यान दे रही है और भारत का हथियार इम्पोर्ट पिछले पांच सालों में 33 फीसदी घट गया है। सिप्री की रिपोर्ट के मुताबिक एक वक्त भारत सबसे ज्यादा हथियारों की खरीददारी रूस और अमेरिका से करता था लेकिन पिछले कुछ सालों में भारत में अमेरिका और रूस से खरीदारी में कमी की है। इसके बजाय भारत ने इजरायल और फ्रांस को नया सामरिक भागीदार बनाया है।
सिप्री की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 से 2020 के बीच सऊदी अरब ने सबसे ज्यादा हथियार खरीदे हैं। सऊदी अरब यमन युद्ध में उलझा हुआ है, लिहाजा उसे ईरान का भी डर है। सऊदी अरब के बाद भारत का हथियार खरीदने में स्थान है। भारत के बाद तीसरे नंबर पर मिस्र, चौथे नंबर पर भारत का दोस्त ऑस्ट्रेलिया और हथियार खरीदने में पांचवें नंबर पर भारत का नंबर वन दुश्मन चीन है। यानि, हथियारों की खरीददारी में 33 फीसदी की कमी करने के बाद भी भारत दुनिया में दूसरा सबसे ज्यादा हथियार खरीदने वाला देश बना हुआ है। हथियार खरीदनें में आई 33 फीसदी कमी 2011 से 2015 की तुलना 2016 से 2020 की है। भारत ने पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा हथियार रूस से खरीदे हैं, जबकि रूस से हथियारों की खरीदारी में भारत ने सबसे ज्यादा 53 फीसदी की कमी की है। पहले भारत अपनी जरूरतों का 70 फीसदी हथियार रूस से खरीदता था जबकि मोदी सरकार में भारत सिर्फ 49 फीसदी हथियार ही रूस से खरीदता है।
बदलते भौगौलिक समीकरण के बीच दुनिया में नये नये दोस्त बन रहे हैं तो देशों की दोस्ती टूट भी रही है। भारत ने रूस और अमेरिका से हथियारों की खरीदारी में कमी की तो इसका सबसे बड़ा फायदा फ्रांस को हुआ है। फ्रांस से भारत ने हथियारों की खरीदारी में 700 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि की है। रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस को लेकर आया ये उछाल राफेल एयरक्राफ्ट के सौदे को लेकर है। वहीं, 2011 से 2015 तक अमेरिका दूसरा वो देश था जो सबसे ज्यादा हथियार भारत को बेचता था लेकिन 2016-2020 के दरम्यां इस लिस्ट में अमेरिका चौथे नंबर पर आ गया है। भारत ने अमेरिका से हथियारों की खरीदारी में 46 फीसदी की कमी की है। पिछले पांच सालों में हथियार देने के मामले में इजरायल दूसरे तो फ्रांस तीसरे नंबर पर रहा है। वहीं, अमेरिका अब चौथे नंबर पर जा चुका है। भारत ने इजरायल से हथियार खरीदने में 82 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है।
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