लखनऊ में राज्यपाल के साथ नौ लाख से ज्यादा बच्चों ने पढ़ी किताब
लखनऊ
राजधानी लखनऊ के राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज में सोमवार को पढ़े लखनऊ, बढ़े लखनऊ कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन के साथ नौ लाख से ज्यादा बच्चों ने किताबें पढ़ीं। हर कोई गांधी जीवन और क्रांतिवीरों की कहानी को गहनता से पढ़ रहा था। राज्यपाल आनंदीबेन गुजराती में लिखी गांधी पुस्तक पढ़ रही थी तो जिलाधिकारी कौशल राजशर्मा भारतीय वीरांगनाओं की गाथाओं को पढ़ने में व्यस्त थे। कक्षा बड़ी संख्या में छात्र होने के बाद मानो ऐसा लग रहा था कि कोई है नहीं।
बच्चों में किताब पढ़ने की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए सोमवार को शहर के डिग्री कॉलेज, इंटरमीडिएट व प्राइमरी स्कूलों में पढ़े लखनऊ, बढ़े लखनऊ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें दस लाख से अधिक छात्रों एक समय पर किताब पढ़ना थी। सुबह ठीक 10.50 बजे राज्यपाल आनंदीबेन बच्चों के साथ किताब पढ़ने के लिए राजकीय इंटर कॉलेज निशातगंज पहुंची। उनके साथ जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा, सीडीओ मनीष बंसल, जेडी सुरेन्द्र तिवारी व डीआईओएस डॉ मुकेश कुमार सिंह मौजूद थे। राज्यपाल अपने साथ गांधी जीवन पर आधारित करीब आधा दर्जन किताबें लेकर आई थी, हालांकि क्लास में पहले से ही गांधी व देश के महान नायकों की किताबें मौजूद थी। राज्यपाल ने यहां पर करीब पौन घंटे तक बच्चों के साथ किताब पढ़ी।
अच्छा बताओ क्या पढ़ा किताब में
करीब पौन घंटे किताब पढ़ने के बाद राज्यपाल आनंदीबेन ने बच्चों से सवाल करना शुरू कर दिए। उन्होंने बच्चों से पूछा कि बताओं तुम लोगों ने किताब में क्या पढ़ा? इसमें कक्षा 12 के छात्र सुफियान ने कहा कि मैने गांधी जी के जीवन के बारे में पढ़ा, उनका जन्म कहां हुआ, उनकी प्रारंभिक शिक्षा कहां हुई। यह सारे जवाब भी छात्र ने दिए। फिर कक्षा 12 के छात्र आशीष कुमार ने कहा राज्यपाल आनंदीबेन को क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जीवन परिचय दिया जो उसने किताब से पढ़ा था। एक और छात्र सत्येन्द्र ने बताया कि उसने पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जीवनी पढ़ी।
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