वाअज सुनने पहुंचे ढाई लाख, इंदौर ने किया इस्तकबाल
इंदौर
सैयदना की वाअज सुनने के लिए दुनियाभर से लोगों का आना जारी है। शहर के हर हिस्से में बोहरा समाज के लोग नजर आ रहे हैं। सैफीनगर क्षेत्र की सड़कें समाजजन से भरी हैं। अब तक ढाई लाख से अधिक लोग शहर में एकत्रित हो चुके हैं। 40 देशों से 20 हजार से ज्यादा समाजजन आए हैं। इनमें अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, कुवैत, दुबई, पाकिस्तान, बांग्लादेश, यमन, श्रीलंका, बांग्लादेश के वासी भी हैं। कई लोग बिना रजिस्ट्रेशन कराए भी आए हैं। ये लोग अपने नाते-रिश्तेदारों के साथ बोहरा बहुल क्षेत्रों में रुके हैं। दाऊदी बोहरा समाज के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन मौला मोहर्रम की 2 तारीख (12 सितंबर) से सैफीनगर मस्जिद में रोज सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक वाअज फरमाएंगे।
9 दिनी वाअज में इमाम हुसैन के जिक्र के साथ 72 शोहदाए-कर्बला की शहादत पढ़ी जाएगी। 21 इमामों और 52 धर्मगुरुओं का जिक्र भी होगा। पिछले 28 साल का इतिहास देखा जाए तो भारत में सूरत, मुंबई सहित चार जगह सैयदना ने मोहर्रम की वाअज फरमाई है। इसमें से दो बार इंदौर में हुई है। यह तीसरा मौका होगा। वाअज में 40 देशों के तीन लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। सैफीनगर में 45 हजार लोगों की बैठक व्यवस्था की गई है। 13 मस्जिदों में वाअज का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा। मजहर हुसैन सेठजीवाला और जौहर मानपुरवाला ने बताया कि आगम-निर्गम के लिए मस्जिद में 10 गेट बनाए गए हैं।
वाअज का सीधा प्रसारण नूरानी नगर, अम्मार नगर, मसकिन सैफिया, हसनजी नगर, छावनी, सियागंज, बोहरा बाखल, गांधीनगर, जूना पीठा, बदरीबाग, हकीमी मोहल्ला, राऊ, महू और उज्जैन में किया जाएगा। इकबाल चप्पू और शब्बीर बैगवाल ने बताया कि माणिकबाग ब्रिज पुलिस चौकी, ट्रांसपोर्ट चौराहा, बादशाह चौराहा और राजदीप अपार्टमेंट की तरफ से वाअज सुनने के लिए प्रवेश मिलेगा। जनसंपर्क समिति के सदस्य मोहम्मद पीठावाला और बुरहानुद्दीन शकरूवाला ने बताया कि सैयदना द्वारा 23 सितंबर को इज्तेमाई शादी भी कराई जाएगी। इसके लिए अब तक 500 जोड़ों का रजिस्ट्रेशन हुआ है।
बच्चों को अच्छी तालीम, औरतों को इल्म का संदेश
सन 2002 में 52वें धर्मगुरु सैयदना बुरहानुद्दीन साहब मोहर्रम की वाअज फरमाने सैफीनगर मस्जिद आए थे। 69 साल की फरीदा सफदरी बताती हैं कि उस दौरान उन्होंने बच्चों को अच्छी तालीम देने और औरतों को इल्म हासिल करने का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि था कि औरतों को खुदा ने नाजुक बनाया है। उनकी ख्वाहिशें पूरी करें। औरतें फूल के समान हैं, उनका ख्याल रखें। महिलाओं को कहा कि अपने शौहर का ख्याल रखें, उनकी जायज मांगों को पूरा करें। समन्वय से रहें। बच्चों को अच्छी तरबियत दें।
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