शहादत से अनजान, गीत-भोज पार्टी करना अक्षम्य भूल - विधायक कमल

शहादत से अनजान, गीत-भोज पार्टी करना अक्षम्य भूल -  विधायक कमल

 हरदा। पुलवामा में आतंकी हमले के बाद जांबाज सैनिकों की शहादत से अनभिज्ञ होकर, स्थानांतरित एसपी की विदाई में लगे प्रशासनिक अधिकारियों का गीत संगीत और भोज में शामिल होने को विधायक कमल पटेल ने अक्षम्य भूल बताया है। 

 

पटेल ने दूरभाष पर कहा कि यदि अधिकारियों ने ऐसा जानते बूझते किया है तो यह निंदनीय है। और अनजाने में यह सब हुआ है तो आला अधिकारियों से विपरीत परिस्थितियों में हम किस तरह सुरक्षा व्यवस्था की उम्मीद कर सकते हैं? 

 

पटेल ने कहा है सरकार कांग्रेस की है। सीएम को हुई इस आयोजन की शिकायत पर कार्रवाई सरकार को करना चाहिए। 

मुझे यह जानकारी शाम को मिल गयी थी। आज के डिजीटल समय में, सूचना क्रांति के अत्याधुनिक संसाधनों के बीच प्रशासनिक अधिकारियों को देर रात तक यदि इस घटना का भान नहीं है तो यह चिन्ता का विषय है। मामले की जांच होना चाहिए। 

 

इन्होंने क्या कहा - 

 

- पूर्व विधायक आरके दोगने ने दूरभाष पर कहा कि पुलिस जैसे महत्वपूर्ण विभाग को, प्रशासनिक अधिकारियों को समय पर इस घटना जानकारी न होना अविश्वसनीय है। देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सैनिकों पर आंतकी हमले के वक़्त ऐसे विदाई कार्यक्रमों को टाला जाना चाहिए। टीवी चैनलों के पल पल अपडेट, मोबाइल के दौर में इस हमले से प्रशासनिक अधिकारियों की अनभिज्ञता अपेक्षित नही है। 

दोगने ने कहा कि सीएम को इस आयोजन की हुई शिकायत पर क्या एक्शन लेने चाहिए ये उनका अधिकार क्षेत्र है।  आतंकी हमले के दिन  हरदा में ऐसे आयोजन होना नैतिक, व्यवहारिक रूप से गलत है। 

 

- एएसपी हेमलता कुरील ने दूरभाष पर कहा कि अभी उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। वे अवकाश पर चल रही हैं। 14 फरवरी आतंकी हमले की जानकारी उन्हें शाम 5 बजे के आसपास हुई थी। 

 

- हरदा जनसंपर्क अधिकारी विट्ठल माहेश्वरी ने बताया कि  whatsapp पर उन्हें इस आशय की सरसरी सूचना मिली थी। समय का बोध उन्हें नही है। रात में 9 बजे बाद न्यूज़ चैनल पर उन्हें पूरा घटनाक्रम संज्ञान में आया। उन्होंने बताया कि विदाई समारोह का उन्हें आमंत्रण नहीं मिला था। 

 

आमजन ने क्या कहा - 

 

विवेकानन्द काम्प्लेक्स के पास एक होटल में , जब हमने निजी स्कूल के एक शिक्षक से बात की तो उन्होंने स्वयं को शाम 6 बजे तक जानकारी मिलने की बात कहते हुए हमले के बाद विदाई कार्यक्रम करने पर रोष जताते हुए इसे बड़ी भूल बताया। 

 

वहीं जलपान को आये नजदीकी गांव के  युवक ने कहा कि ये जानकारी मोबाइल के जरिये हम गांव वालों को शाम 6 बजे के पहले पता थी तो आपके यहां अधिकारी लोग कैसे अनजाने रह गए। 

 

एक सफाईकर्मी और हाथठेले पर सब्जी विक्रेता ने भी शाम 7 के बाद इस घटना की जानकारी होना बताया।  कुछ अन्य लोगो ने अगले दिन अखबार के माध्यम से जानकारी होने की भी बात कही। 

 

मालूम हो, 14 फरवरी को एक निजी होटल में एसपी सिंह की विदाई  का आयोजन था। जो रात 11 बजे तक चली। जिसमे गीत संगीत के साथ भोज भी हुआ। इसी दिन आतंकी हमले में देश के 40 से अधिक जवान वीरगति पा गए थे।