शिवराज कैबिनेट मप्र एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को मंजूरी
भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वकीलों की सुरक्षा हेतु अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को मंजूरी दे दी गई है। प्रदेश के वकील इस अधिनियम की मांग लंबे समय से कर रहे थे। इसी तरह, महिलाओं को पुलिस भर्ती में अधिक सुविधा देते हुए भर्ती के लिए आवश्यक ऊंचाई में 3 सेंटीमीटर की कमी कर दी गई है। अब 158 के स्थान पर 155 सेंटीमीटर लंबाई वाली महिला भर्ती के लिए योग्य होगी। कैबिनेट बैठक में खंडवा, रतलाम और विदिशा में 3 मेडिकल कॉलेज को मान्यता की पुष्टि की गई।
जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार का दिन महिलाओं, किसानों और वकीलों के लिए अहम रहा। शिवराज कैबिनेट ने वकीलों की मांग को पूरा करते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को मंजूरी दे दी है। डॉ. मिश्र ने बताया कि मध्यप्रदेश में सिंचाई रकबा बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर गंभीर है। लगभग प्रत्येक माह नई योजनाओं की स्वीकृति दी जा रही है। निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य पूरे हुए हैं। इसी क्रम में मंत्रिपरिषद ने सोमवार को जल संसाधन विभाग के अंतर्गत खण्डवा जिले की भाम मध्यम सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज की स्वीकृति प्रदान की। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना की स्वीकृति 14 सितम्बर 2016 को (लागत 228.11 करोड़ रुपए) प्रदान की गई थी। परियोजना से उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग करने के उद्देश्य से भूमिगत पाइप लाइन द्वारा प्रेशराइज्ड पद्धति से सूक्ष्म सिंचाई (स्प्रिकल) प्रणाली से खण्डवा तहसील के 14 गांवों के 6100 हेक्टेयर रकबे में रबी की सिंचाई की जाएगी। परियोजना के जलाशय का कुल डूब क्षेत्र 854.09 हेक्टेयर है जिसमें से निजी भूमि 612.18 हेक्टेयर एवं वन भूमि 148.75 हेक्टेयर है। बांध के डूब क्षेत्र में कुल पांच ग्रामों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही हैं। डूब क्षेत्र में मात्र 36 अस्थाई मकान प्रभावित हो रहे हैं। प्रभावितों को विस्थापित करने की आवश्यकता नहीं है।
पैकेज के अनुसार डूब क्षेत्र की निजी भूमि के लिए क्रय/अर्जित की जाने वाली भूमि के एवज में प्रति हेक्टेयर 10 लाख रुपये की दर से एक मुश्त राशि दी जाएगी। क्रय की जाने वाली भूमि में पक्का कुआं होने की दशा में दो लाख रुपए प्रति कुआं राशि अलग दी जाएगी। क्रय की जाने वाली भूमि में चालू ट्यूबवेल के लिए एक लाख रुपए प्रति ट्यूबवेल, फलदार वृक्षों का बगीचा होने पर तीन लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से राशि दी जाएगी।
जल संसाधन विभाग के एक अन्य एजेण्डा में खण्डवा जिले की आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी गई। इसकी स्वीकृति एक जून 2017 को प्रदान की गई थी। 165.08 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के जलाशय का कुल डूब क्षेत्र 493.87 हेक्टेयर है।
जल संसाधन विभाग के एक अन्य एजेण्डा में चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय मंजूरी दी गई। परियोजना श्योपुर जिले के विकासखण्ड श्योपुर के ग्राम हिरनीखेडा के समीप चम्बल नहर पर प्रस्तावित है। परियोजना से 12 हजार हेक्टेयर रबी सिंचाई प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग के ही एक अन्य एजेण्डा में म.प्र. सिंचाई अधिनियम, नियम-74 के उपनियमों में संशोधन का निर्णय लिया गया।
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