सड़कों पर नहीं दिखेंगे होर्डिंग्स, घर की छत के लिए लेना होगी अनुमति

जबलपुर 
शहर की सड़कों के किनारे लगे तकरीबन 500 वैध-अवैध होर्डिंग्स को हटाने का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने होर्डिंग एजेंसी संचालकों की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई नई होर्डिंग नीति का पालन किया जाए।


प्रदेश सरकार ने होर्डिंग्स को लेकर नई नीति फरवरी 2017 में लागू कर दी थी। इसके बाद नगर निगम ने सभी होर्डिंग संचालकों को वैध और अवैध होर्डिंग्स हटाने का नोटिस जारी किया था। जिसे तकरीबन 150 होर्डिंग एजेंसी संचालकों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि हाईकोर्ट ने मामला नगर निगम की अपील समिति में वापस भेज दिया था। अपील समिति के निर्णय के विरोध में होर्डिंग संचालक एक बार फिर हाईकोर्ट चले गए थे।

हाईकोर्ट ने भी नगर निगम के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद मंगलवार को होर्डिंग एजेंसी संचालकों की याचिका खारिज कर दी। नगर निगम की ओर से महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव, हरमीत रुपराह व नवजोत सिंह उपस्थित हुए।

हटाने के लिए मिलेगा समय

सड़क किनारे और छत पर जितने भी होर्डिंग्स लगे हैं उन्हें हटाने के लिए होर्डिंग संचालकों को समय दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए अवधि तय कर दी है। जैसे ही सुप्रीम कोर्ट का आदेश नगर निगम पहुंचेगा, सभी होर्डिंग एजेंसी संचालकों को होर्डिंग हटाने का नोटिस जारी कर दिया जाएगा।

मकान मालिक को होर्डिंग लगाने के लिए लेनी होगी परमिशन

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अब जबलपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में नई विज्ञापन नीति लागू की जाएगी। इसके तहत सड़क किनारे होर्डिंग्स का जाल नहीं बिछेगा। यदि होर्डिंग लगाना है तो वह मकान की छत पर ही लगाया जा सकेगा। लेकिन इसके पहले अभी जिनके छतों पर होर्डिंग लगी है उसे हटाना होगा। इसके बाद मकान मालिक को नए सिरे से नगर निगम से परमिशन लेनी होगी।

पहले और अब के रेट में 8 गुना का इजाफा

विज्ञापन की नई नीति लागू होने से सबसे ज्यादा असर होर्डिंग संचालकों पर पड़ेगा। अभी होर्डिंग संचालकों को सड़क किनारे लगे होर्डिंग्स स्ट्रक्चर के लिए हर साल 35 से 50 रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से नगर निगम को शुल्क देना होता था। लेकिन अब इसमें 8 गुना इजाफा हो जाएगा। क्योंकि नया शुल्क कलेक्टर गाइड लाइन से जिस क्षेत्र की जमीन की जो दर होंगी उसका 4 फीसदी शुल्क प्रति वर्गफीट के हिसाब से देना होगा।

सड़क किनारे लगेंगे यूनीपोल

नई विज्ञापन नीति के अनुसार अब सड़क किनारे होर्डिंग्स के स्ट्रक्चर नहीं खड़े हो सकेंगे। इनकी जगह अब सिर्फ यूनीपोल लगाने की ही अनुमति मिलेगी। वह भी सड़क से कम से कम 3 मीटर की दूरी पर होंगे और एक यूनीपोल से दूसरे यूनीपोल की दूरी कम से कम 25 मीटर होगी।