सीनियर हेडमास्टर और लेक्चरर को एईओ का प्रभार !

सीनियर हेडमास्टर और लेक्चरर को एईओ का प्रभार !

भोपाल
एक शाला-एक परिसर योजना के बाद मुक्त हुए सीनियर हेडमास्टर या लेक्चरर को एईओ का प्रभार सौंपा जा सकता है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस पद के लिए अगस्त 2013 में अध्यापक एवं हेडमास्टरों से आवेदन मांगे थे। सरकार ने राज्य शिक्षा सेवा के तहत तीन हजार एईओ की भर्ती के लिए 8 सितंबर को व्यापमं के माध्यम से आॅनलाइन परीक्षा कराई थी। इसका रिजल्ट 10 सितंबर 2013 को घोषित किया गया था, जिसमें 80 फीसदी अध्यापक और 20 फीसदी प्रधानाध्यापक एवं यूडीटी शिक्षक सफल रहे थे। 

परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा था कि राज्य सरकार चाहे तो नए सिरे से विज्ञापन जारी कर एईओ की भर्ती करा ले। साथ ही यह हिदायत भी दी है कि पुराने अभ्यर्थियों और सरकार के खिलाफ याचिकाएं लगाने वालों के साथ किसी तरह का भेदभाव न किया जाए, लेकिन अब तक शिक्षा विभाग इस पर कोई निर्णय नहीं ले सका है। अब सरकार सालों पुरानी संकुल केन्द्र की व्यवस्था में बदलाव कर एरिया एजुकेशन आॅफीसर का सिस्टम लागू करने जा रही है। लोक शिक्षण संचालनालय में नयी व्यवस्था को लेकर तैयारियां चल रहीं हैं।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए मिडिल एवं प्राइमरी स्कूलों के लिए एईओ की नियुक्ति की जाना थी। योजना अनुसार एईओ को वो सारे अधिकार दिए जाना थे, जो डीपीसी के हैं। इसी के साथ उसके अधिकार भी बढ़ाने की बात कही जा रही थी, वहीं स्कूलों के निरीक्षण कार्य के लिए अलग से (एडीआई) की नियुक्ति की जाना थी।

प्रत्येक 40-50 स्कूल पर एक एईओ तैनात होगा। उसका काम शालाओं की मॉनिटरिंग का होगा। इस पद पर अध्यापक यूडीटी की नियुक्ति की जाना है। अभी तक संकुल केंद्र के प्राचार्य स्कूलों की मॉनिटरिंग का काम करते हैं। एईओ की नियुक्ति के बाद प्राचार्य की जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएंगे।