बठेना कांड को लेकर हंगामा, दो बार निलंबित हुये भाजपा विधायक

बठेना कांड को लेकर हंगामा, दो बार निलंबित हुये भाजपा विधायक

रायपुर
बठेना में हुई पांच लोगों की मौत को लेकर सदन में आज जोरदार हंगामा हो गया। शून्यकाल में भाजपा विधायकों ने दुर्ग जिले के बठेना गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध मौत मामले में काम रोककर चर्चा की मांग की। मांग स्वीकार नहीं हुई तो भाजपा विधायक बार-बार गर्भगृह में पहुंचे। इसकी वजह से विधायकों को दो बार निलंबित किया गया। हंगामें की वजह से सदन की कार्यवाही भी कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी।

बठेना कांड पर चर्चा की मांग करते हुए भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, यह लोमहर्षक घटना है। लड़की और उसकी मां को तार से बांधकर चिता सजाई गई। छत्तीसगढ़ का किसान इतना निष्ठूर नहीं है कि ऐसी घटना को अंजाम दे। अग्रवाल ने कहा, हो सकता है कि लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ हो। मां-बाप ने देख लिया हो तो सबकी हत्या कर दी गई। विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा, वहां से सुसाइडल नोट मिलने की बात आ रही है। विवेचना अधिकारी ने बताया है, फांसी पर लटके मिले बाप-बेटे के शरीर का कुछ हिस्सा जला हुआ है। हाथों में फफोले हैं। यह संदेह पैदा करता है कि हत्या को आत्महत्या बताने का प्रयास हो रहा है। अजय चंद्राकर ने कहा, यह बेहद गंभीर घटना है। घटनास्थल को देखने से प्रतीत होता है कि महिलाओं से सामुहिक दुष्कर्म हुआ और फिर सबकी हत्या की गई।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, इस मामले में ऐसे जलाया गया कि हड्डी भी नहीं बची। छत्तीसगढ़ में क्या कोई व्यक्ति अपनी पत्नी और बेटी की हत्या कर तारों से बांधकर जला सकता है। इतने विभत्स तरीके से कोई आत्महत्या कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा, आज तक ऐसी घटना नहीं देखी। ऐसा क्या हो रहा है कि किसान पूरे परिवार सहित आत्महत्या कर रहा है। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने इस मसले पर स्थगन को स्वीकार करने और चर्चा करने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया तो भाजपा विधायक गर्भगृह में उतरकर नारेबाजी करने लगे। इसकी वजह से वे निलंबित हुए। बाद में सभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो भाजपा विधायकों ने अपनी वही मांग दोहराई। चर्चा की मांग करते हुए विधायक एक बार फिर गर्भगृह में आ गये। इस बीच सदन की कार्यवाही जारी रही। गर्भगृह में जाने पर खुद-ब-खुद निलंबन की परंपरा के चलते भाजपा विधायक फिर निलंबित हुए। उसके बाद सभी विधायक विधानसभा परिसर में गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गये।