विधानसभा मॉनसून सत्र: भीमा मंडावी की नक्सल हत्या मामले में स्थगन की मांग, BJP ने सरकार को घेरा
रायपुर
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को प्रदेश में नक्सल समस्या पर सदन में गहमा गहमी का माहौल रहा. सत्ता पक्ष के खिलाफ विपक्षीय दल बीजेपी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे ने मोर्चा खोल दिया. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश में नक्सलवाद को रोकने के लिए रणनीति बनाने की मांग की. साथ ही बीजेपी से दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी की नक्सली हत्या के लिए सरकार को जिम्मेदार बताया.
नक्सल समस्या को लेकर को लेकर सदन में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि नक्सलवाद छत्तीसगढ़ को विरासत में मिला है. प्रदेश बनने से पहले भी यहां नक्सल हिंसा होती थी. अविभाजित मध्यप्रदेश के परिवहन मंत्री लिखीराम कावरे को भी नक्सलियों ने मारा था. बीजेपी विधायक भीमा मंडावी के मरने से पहले किसने किया था फ़ोन? भीमा को धमकी मिलने के बाद भी क्यों नही दिया गई जेड प्लस सुरक्षा, सरकार के लापरवाही के कारण भीमा मंडावी की मौत हुई है.
सदन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भीमा मंडावी की नक्सल हत्या, जीरमघाटी, ताड़मेटला घटना का ज़िक्र करते हुए कहा की हमें सबका बदला लेना होगा. दरभा कमेटी के सचिव साईं नाथ ने पर्चे बांट कर कहा कि भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को मार भगाओ. दिल्ली में हमारी सरकार है. मैं विश्वास दिलाता हूं कि नक्सल से लड़ने के लिए जो चाहिए सब उपलब्ध कराऊंगा. आपके साथ दिल्ली में खड़ा होने के लिए तैयार हूं, हमारे फ़ोर्स का मनोबल मजबूत है. हमें साथ खड़े होने की ज़रूरत है.
डॉ. रमन ने कहा कि भीमा और दरभा कांड के सूत्र एक हैं. माओ कमांडर साईंनाथ भीमा मंडावी कांड में था शामिल. साईंनाथ के दरभा कांड में भी शामिल होने की खबर थी. मैंने तो तमाम घटनाओं को देखा है. नक्सल के ख़िलाफ़ हम सबको इस पूरे सदन को एक साथ खड़ा होना होगा. एसपी को तास के पत्ते की तरह फेटने की ज़रूरत नहीं है. नक्सली किसी के प्रिय नहीं हैं. हम सब नक्सलियों के टार्गेट में है.
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