माँ दंतेश्वरी को साक्षी मानकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह समारोह में 191 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे

माँ दंतेश्वरी को साक्षी मानकर मुख्यमंत्री कन्या विवाह समारोह में 191 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे

समर्पित नक्सली युगल हिड़में और बामन ने भी अग्नि को साक्षी मानकर लिया सात फेरा

दंतेवाड़ा, आज माँ दंतेश्वरी मंदिर परिसर स्थित मेंढक डोबरा मैदान में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माँ दंतेश्वरी को साक्षी मानकर 48 कुंडों में विधिवत मंत्रोच्चार के साथ 191 जोड़े नव दांपत्य जीवन में बंधे। मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ऑनलाइन, वर्चुअल रूप से कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को नव जीवन के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए उनके सुखमय, समृद्ध और खुशहाल दांपत्य जीवन की कामना की। समारोह में विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के अधिकारी ने भी नवदंपतियों को आशीर्वाद प्रदान किया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराए गए, जिससे आदिवासी संस्कृति, सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता की सुंदर झलक देखने को मिली।
     इस दौरान नव दंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्रीय विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि माँ दंतेश्वरी के पावन प्रांगण में आयोजित यह मुख्यमंत्री कन्या विवाह समारोह हमारे समाज की एक सुंदर और गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। आज यहाँ 191 नवदंपति नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं, यह हम सभी के लिए गर्व और खुशी का क्षण है। इस पवित्र स्थान पर विवाह होना स्वयं में सौभाग्य की बात है, क्योंकि मां दंतेश्वरी की कृपा और हमारे बुजुर्गों का आशीर्वाद आपके जीवन को सही दिशा देगा। उन्होंने आगे कहा कि जैसे आप सभी ने अब तक अपने माँ-बाप की सेवा और सम्मान किया है, उसी तरह अब अपने सास-ससुर को भी अपने माता-पिता समान मानकर उनकी सेवा करनी है। इसके अलावा ही वर को भी चाहिए कि वह अपनी वधु का सम्मान पूर्वक पालन-पोषण करे, उसकी भावनाओं का आदर करे और जीवन के हर मोड़ पर उसका साथ निभाए। पति-पत्नी एक-दूसरे के पूरक हैं, आपसी प्रेम, विश्वास और सहयोग से ही दांपत्य जीवन सुखमय बनता है। इसके साथ ही उन्होंने सभी के दांपत्य जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भरे जीवन की कामना की। 
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य शासन ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रारंभ करके नवदंपत्तियों के लिए अभिभावकों जैसी भूमिका निभाई है। उन्होंने नव विवाहित युगलों से एक अच्छी बहु और अच्छा पति बनने का आग्रह करते हुए कहा कि परिवार को एक रखते हुए वरिष्ठ सदस्यों का ख्याल रखें। साथ ही  जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम ने कहा कि आपकी खुशियों की इस घड़ी में शामिल होकर हमें गहरी खुशी हुई है। जीवन की हर महत्वपूर्ण घड़ी में राज्य शासन की योजनाएं आपका सहयोग करेंगी। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास अधिकारी वरुण नागेश ने बताया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कुल 191 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। शासन की ओर से प्रति जोड़े 35 हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से वर-वधु के खातों में अंतरित की गई। वहीं, प्रत्येक जोड़े के लिए 15 हजार रुपये की राशि आयोजन एवं साज-सज्जा पर व्यय की गई। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि संतोष गुप्ता,जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। यहां कन्या विवाह दुबे आचार्य जी के पंडितों द्वारा कराया गया। उल्लेखनीय है कि आयोजित हुए मुख्यमंत्री कन्या विवाह में आत्मसमर्पित नक्सली युगल हिडमें और बामन ने भी सात फेरे लेकर समाज के मुख्यधारा से स्वयं को जोड़ा।  इसके अलावा इस विवाह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमित्रा वेको और पोंदुम के सरपंच ने भी अपना विवाह रचाया।