60 लाख हेक्टेयर की फसल नष्ट, हजारों किमी सड़कें टूटीं
भोपाल
प्रदेश में बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान के बाद राज्य सरकार ने केंद्र से 6621 करोड़ रुपए की राहत राशि की डिमांड की है। इसमें केंद्र की ओर से एसडीआरएफ फंड से चालू वित्त वर्ष में मिलने वाली 533 करोड़ रुपए की वह राशि भी शामिल है जो केंद्र ने अब तक रिलीज नहीं की है। बाढ़ राहत के रूप में अब तक राज्य सरकार ने 362 करोड़ रुपए आर्थिक सहायता के रूप में वितरित किए हैं। इसके बाद अब केंद्र सरकार की टीम एक बार फिर बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने आएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके मंत्री जल्द ही प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर सकते हैं। उधर राज्य सरकार के प्रस्ताव के बाद बाढ़ से हुए नुकसान के भारी भरकम आंकड़े पेश करने को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है। प्रस्ताव तैयार होने के पहले राज्य शासन के अफसरों और मंत्रियों ने 12800 करोड़ रुपए का नुकसान होना बताया था। प्रदेश के 39 जिलों की 248 तहसीलों की 60.47 लाख हेक्टेयर फसल बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित हुई है। इससे 55.36 लाख किसानों की सोयाबीन, मूंग, बाजरा, कपास, ज्वार, उड़द की फसलों को नुकसान हुआ है। इसमें छोटे और मध्यम श्रेणी के 40.37 लाख किसानों की 32.43 लाख हेक्टेयर में बोई गई फसल नष्ट होने से 2121 करोड़ का नुकसान हुआ है। इसी तरह 15.74 लाख किसानों की 28.03 लाख हेक्टेयर में बोई गई 1582 करोड़ की फसल को क्षति हुई है।
674 लोगों और 1888 पशुओं की गई जान
बाढ़ आपदा के दौरान प्रदेश में 674 लोगों और 1888 पशुओं की जान जाने की सूचना सरकार को मिली है। इसके लिए 26.96 और 3.61 करोड़ समेत कुल 30.57 करोड़ रुपए की सहायता देने के लिए राशि मांगी गई है। आपदा में 55372 पक्के और कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं वहीं 4098 पक्के और 55267 कच्चे मकानों को आंशिक क्षति हुई है। 364 झोपड़ियां और 3274 पशु शेड इससे नष्ट हुए हैं। इन सब में राहत देने के लिए 548.88 करोड़ रुपए की डिमांड की गई है।
प्रदेश में अफसरों और मंत्रियों ने शुरुआत में नुकसान का आंकड़ा 12800 करोड़ बताया था, लेकिन प्रस्ताव में नुकसान 6621 करोड़ का बताया गया है। वहीं, कलेक्टरों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में बाढ़ से 16270 करोड़ की फसलों को नुकसान हुआ है पर जिन फसलों को सर्वाधिक नुकसान हुआ और किसानों को उसके बदले राहत दी जानी है, उसके लिए 3742 करोड़ की जरूरत है। सड़कों को हुए नुकसान की जो रिपोर्ट दी गई है, उसके मुताबिक लोनिवि की 5954 किमी, पीएमजीएसवाई की 154 किमी, आरईएस की 1225 किमी और शहरी इलाकों की 3728 किलोमीटर सड़कों को क्षति पहुंची है। सड़कों को बनाने के लिए 1435 करोड़ रुपए तथा सड़कों पर बने 1787 क्षतिग्रस्त पुलों के सुधार के लिए 166 करोड़ रुपए की आवश्यकता बताते हुए केंद्र से सड़क और पुल पुलिया के लिए 1601 करोड़ रुपए की डिमांड की है।
सार्वजनिक भवनों, स्कूल, अस्पताल के लिए भी मांगी राशि
मेमोरंडम में पंचायत भवन, कम्युनिटी हॉल, प्राइमरी-मिडिल-हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों की क्षति, हॉस्टल्स, उप स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राइमरी हेल्थ सेंटर समेत अन्य स्वास्थ्य भवनों, पावर हाउस, बिजली के खंबों, ट्रांसफार्मर, बिजली लाइन, सिंचाई परियोजनाओं समेत अन्य नुकसान का आकलन कर इसके लिए भी 684 करोड़ रुपए की डिमांड की गई है। इस तरह सड़क और भवनों को हुए नुकसान के लिए कुल 2285.88 करोड़ रुपए मांगे गए हैं।
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