युवा मतदाताओं के शत-प्रतिशत पंजीकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए निर्देश जारी
निराश्रित और वंचित वर्ग के शिक्षा व्यवस्था से बाहर रह गए युवाओं का भी होगा चिन्हीकरण
जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजस्थान में 18–19 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं एवं प्रथम बार मतदाताओं के मतदाता सूची में पंजीकरण के लिए विशेष अभियान पूर्व से संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत अब शत-प्रतिशत पंजीकरण का लक्ष्य हासिल करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान नवीन महाजन ने समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक पात्र युवा का चिन्हीकरण कर उसका मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी पात्र युवा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।
विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संस्थानवार सत्यापन
अभियान के अंतर्गत राज्य के समस्त सरकारी एवं निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत पात्र युवाओं का संस्थानवार विवरण प्राप्त कर उनके मतदाता पंजीकरण की स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित शिक्षा अधिकारियों एवं शैक्षणिक संस्थानों से समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों की जन्मतिथि सहित सूची प्राप्त करने तथा पंजीकरण से वंचित पात्र युवाओं की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंजीकरण से शेष पात्र विद्यार्थियों के आवेदन प्राप्त करने के लिए संबंधित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। उच्च शैक्षणिक संस्थानों में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पात्र विद्यार्थियों का विवरण संकलित कर उनके पंजीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
संस्थानवार एवं विधानसभा क्षेत्रवार होगी मॉनिटरिंग
अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान से पात्र युवाओं की कुल संख्या, मतदाता सूची में पंजीकृत युवाओं की संख्या, अग्रिम पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले युवाओं की संख्या तथा पंजीकरण से शेष युवाओं का विवरण संकलित किया जाएगा।
प्रत्येक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी संस्थानवार एवं विधानसभा क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार करेगा। इसमें पंजीकरण लक्ष्य, विशेष शिविरों का कार्यक्रम, उत्तरदायी अधिकारियों एवं कार्मिकों का विवरण तथा दैनिक प्रगति की समीक्षा एवं निगरानी की व्यवस्था शामिल होगी।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को अभियान की नियमित समीक्षा करने, सभी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों को इसमें शामिल करने तथा आगामी एक सप्ताह में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
निराश्रित और वंचित वर्ग और शिक्षा व्यवस्था से बाहर रह गए युवाओं का भी होगा चिन्हीकरण
महाजन ने बताया अभियान के तहत ऐसे पात्र युवाओं तक भी पहुंच सुनिश्चित करने के विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, जो किसी औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नहीं हैं। इस संबंध में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को विगत तीन वर्षों में निराश्रित आश्रय गृहों एवं अनाथ आश्रमों में पले -बढ़े युवाओं की सूची उपलब्ध कराने के लिए लिखा गया है, ताकि ऐसे सभी पात्र युवाओं की पहचान कर उनका मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित किया जा सके और कोई भी युवा अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम-2027 के साथ भी समन्वित प्रयास
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2027 के संदर्भ में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम (SSR-2027) भी निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत मतदाता सूचियों का प्रारूप प्रकाशन 12 नवंबर, 2026 को तथा अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी, 2027 को निर्धारित है। आगामी अर्हता तिथियों 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर, 2027 के लिए भी अग्रिम पंजीकरण आवेदन प्राप्त किए जा सकेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत पर्यवेक्षण में अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान का उद्देश्य पात्र युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए मतदाता सूची में उनका शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना है।
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