यूक्रेन से लौटे एमपी के लाल, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लौटे बच्चों से की बात

यूक्रेन से लौटे एमपी के लाल, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने लौटे बच्चों से की बात

दिल्ली रेसिडेंट आयुक्त को व्यवस्था करने के निर्देश

भोपाल। यूके्रन में फंसे मध्य प्रदेश के चार छात्र रविवार को भारत पहुंचे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यूके्रन से लौटे बच्चों से फोन पर चर्चा की और रेसिडेंट कमिश्नर को उनकी समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। यूके्रन में फंसे स्टूडेंट को एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या 1942 रविवार रात 2.45 बजे भारत लेकर पहुंची। इसमें चार छात्र मध्य प्रदेश के हैं, जिसमें जबलपुर निवासी कशवी तारे, खरगोन निवासी आयुषी पटेल, इंदौर नीमच निवासी सृष्टि शर्मा और सीधी निवासी शुभम द्विवेदी हैं। मुख्यमंत्री ने यूके्रन से लौटे बच्चो से फोन पर बात की और उनकी कुशलता जानी। इससे पहले यूके्रन से दिल्ली पहुंचे छात्रों का केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्वागत किया और कुशलता जानी। सिंधिया ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार अपने हर नागरिक की सकुशल स्वदेश वापस के लिए कटिबद्ध है। मध्य प्रदेश के चार और छात्र-छात्राएं युद्ध प्रभावित यूक्रेन से भारत लौट आए हैं। इसके साथ ही यूक्रेन से भारत लौटने वाले मध्य प्रदेश के छात्र-छात्राओं की संख्या पांच हो गई है। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा की ओर से यह जानकारी दी। डॉ. राजेश राजौरा के मुताबिक शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब पौने तीन बजे एक विशेष विमान यूक्रेन से नई दिल्ली लौटा। इसमें मध्य प्रदेश के चार छात्र भी सवार थे। देर रात मध्य प्रदेश के चार और छात्र बुडापेस्ट से विशेष विमान से नई दिल्ली लौटने वाले हैं। इनके नाम भोपाल के लोकेश पटेल, बैतूल के योगेश त्यागी, सतना के सुनील पांडे और इंदौर की जेनिशा जैक हैं। मध्य प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन पर यूक्रेन में राज्य के नागरिकों के होने की 122 सूचनाएं मिली हैं। इन सभी को निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। 

छह किमी पैदल चलकर पहुंचा बार्डर

सीधी के शुभम द्विवेदी ने बताया कि रोमानिया बॉर्डर पर 15 से 20 किलोमीटर की लंबी लाइन गाडय़िों की लग गई थी। जिसके कारण वहां से आना जाना बड़ा मुश्किल था। ऐसे में हमारे कॉलेज के मेंबर डॉक्टर सुनील शर्मा और भारतीय दूतावास के जरिए 6 किलोमीटर पैदल चलकर रोमानिया एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से दिल्ली रवाना हुए। बस से एयरपोर्ट तक पहुंचने के दौरान खाना, पानी, सुविधाएं मिली। फ्लाइट में भी किराया नहीं लगा। इसके पहले जिन छात्रों को आना पड़ा है उन्हें 80 से 85 हजार तक का किराया देना पड़ा है। शुभम सोमवार को रीवा पहुंच जाएंगे।
प्रदेश की तीन बेटियों ने लगाई गुहार

हालात खराब हैं, यहां से बाहर निकालें

इधर, यूक्रेन में फंसी बुरहानपुर की रश्मि सूर्यवंशी, सीधी जिले की शुभांगी बघेल और रायसेन जिले की माधवी रायकवार ने वीडियो संदेश जारी कर मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कहा- हमें यहां से बाहर निकाला जाए। तीनों छात्राएं यूक्रेन के निप्रो शहर में मेडिकल की शिक्षा हासिल कर रही हैं। यूक्रेन में फंसी बुरहानपुर के शाहपुर की रश्मि बोलीं- यहां हालात बहुत खराब है। 70-80 किमी की दूरी पर रशियन आर्मी आ गई है। हमें नहीं पता कि कब अटैक हो जाए और हम बाद में बात कर पाएं या नहीं। उन्होंने कहा ज्यादातर विद्यार्थी कैब या बस से बॉर्डर तक गए हैं, लेकिन यह बहुत रिस्की है। इसलिए सरकार हमारी मदद करे। दूतावास से भी कोई मदद नहीं मिल रही।  

यूक्रेन पुलिस बर्बरता उतरी
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों के साथ यूक्रेन की पुलिस बर्बरता पर उतर आई है। रोमानिया बॉर्डर पर भारतीय छात्रों की बुरी तरह पिटाई की जा रही है। यही नहीं, विरोध करने पर डंडे भी बरसाए जा रहे हैं। यूक्रेन में फसीं एक छात्रा ने यूक्रेन पुलिस की बर्बरता की वीडियो उपलब्ध कराया है। वहीं दूसरी तरफ, एक मेडिकल छात्रा ने अपनी आपबीती भी परिजनों को सुनाई है, जिसकी ऑडियो वायरल हो रही है। वायरल ऑडियो में हिंदुस्तान की मेडिकल छात्रा उनके साथ हो रहे जुल्म की दासता बयां करते हुए यूक्रेन पुलिस का बर्बर चेहरा सामने ला रही है।  

इजराइल की पीएम ने पुतिन से की बात
यूक्रेन पर लगातार चौथे दिन भी रूस का हमला जारी रहा। इसी बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि अब तक लड़ाई में 4,300 रूसी सैनिक मारे गए हैं। साथ ही लगभग 146 टैंक, 27 विमान और 26 हेलीकॉप्टर को तबाह कर दिया गया है। इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्टाली बेनेट ने रविवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से बातचीत की। इसके पहले, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमिर जेलेंस्की भी बेनेट से बातचीत कर चुके हैं।  

रूस के प्रस्ताव को यूक्रेन ने ठुकराया
रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है। दोनों तरफ भारी नुकसान हुआ है। शुरू में लग रहा था कि यूक्रेन कमजोर पड़ रहा है और जल्द घुटने टेक देगा, लेकिन ऐसा नहीं है। यूक्रेन की तरफ से भी रूस को भारी नुकसान पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं। रूस ने एक प्रतिनिधिमंडल बेलारूस भेजा है और कहा है कि वह यूक्रेन के साथ शांति वार्ता शुरू करने के लिए तैयार है। हालांकि यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने मास्को के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि रूस, बेलारूस से यूक्रेन पर अपने कुछ हमलों को अंजाम दे रहा है और वह केवल उन्हीं जगहों पर बातचीत के लिए तैयार है जो उसके देश के प्रति आक्रामकता नहीं दिखा रहे हैं।