मिनी माता महतारी जतन योजना से श्रीमती रोशनी के मातृत्व को मिला आर्थिक संबल

मिनी माता महतारी जतन योजना से श्रीमती रोशनी के मातृत्व को मिला आर्थिक संबल

रायपुर, राज्य शासन द्वारा श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रम विभाग के माध्यम से श्रमिकों के पंजीयन के बाद उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, बीमा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। इन योजनाओं से श्रमिक परिवारों को विपरीत परिस्थितियों में आर्थिक सहारा मिलने के साथ ही उनके जीवन स्तर में सुधार की दिशा में मदद मिल रही है।

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘सेवा मेरा योगदान’ शिविर में कोण्डागांव के अस्पताल वार्ड निवासी श्रीमती रोशनी यादव को प्रसूति के उपरांत श्रम विभाग की मिनी माता महतारी जतन योजना का लाभ मिला। योजना के अंतर्गत उन्हें 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। यह सहायता उनके बच्चे के स्वास्थ्य, पोषण एवं आवश्यक देखभाल में उपयोगी साबित हो रही है।

श्रीमती यादव बताती हैं कि प्रसव के बाद नवजात शिशु की देखभाल के साथ दवाइयों, पोषण और अन्य आवश्यकताओं पर होने वाले खर्च की चिंता रहती थी। ऐसे समय में शासन से मिली 20 हजार रुपये की सहायता उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल बनी। उन्होंने योजना का लाभ मिलने पर शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रथम दो बच्चों के जन्म पर 20 हजार रुपये की सहायता

छत्तीसगढ़ शासन की मिनी माता महतारी जतन योजना के अंतर्गत पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को प्रथम दो बच्चों के प्रसव पर 20 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों की माताओं एवं उनके बच्चों को प्रसव के दौरान तथा प्रसव के बाद स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।

श्रम विभाग की ऐसी योजनाओं के माध्यम से शासन द्वारा श्रमिक परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का आधार प्रदान किया जा रहा है। योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचने से माताओं को प्रसव के समय आर्थिक सहायता मिल रही है और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की बेहतर देखभाल में भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। श्रीमती रोशनी यादव जैसी कई महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में यह  योजना महत्वपूर्ण सहारा बन रही है।