सतत जीवनशैली के सात संकल्पों के साथ राजस्थान में ‘ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह 2026’ का प्रदेशव्यापी शुभारंभ
1 से 7 नवंबर तक प्रदेशभर में होंगे पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता के विविध कार्यक्रम
स्वस्थ जीवनशैली, ऊर्जा एवं जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त परिवेश और अपशिष्ट प्रबंधन पर रहेगा विशेष फोकस
जयपुर। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा आमजन को पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से देशभर की भांति राजस्थान में भी रविवार को ‘ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह 2026’ का राज्यव्यापी शुभारंभ हुआ।
इस साप्ताहिक आयोजन के दौरान एक से सात नवंबर तक प्रदेशभर में विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों, साइक्लोथॉन, पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यक्रमों एवं जागरूकता अभियानों के माध्यम से सतत जीवनशैली का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
इस वर्ष इस आयोजन की थीम 'वन वीक, सेवन एक्शन्स, वन प्लेनेट' के अनुरूप पूरे सप्ताह प्रतिदिन पर्यावरण संरक्षण से जुड़े एक विशेष विषय पर केंद्रित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य नागरिकों को यह समझाना है कि दैनिक जीवन में किए गए छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'मिशन लाइफ' (लाइफ स्टाइल फॉर एन्वायरमेंट) से प्रेरित होकर देशभर के आमजन और विशेषजन(सेलेब्रिटी) ने स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और इसे पर्यावरण रक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया है। इस सप्ताह के दौरान भी युवा बड़ी संख्या में 'माय भारत' प्लेटफॉर्म पर इससे सम्बधित शपथ ले रहे हैं। भारत द्वारा 'ब्रिक्स 2026 की मेजबानी के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा देशभर में 1 से 7 नवंबर तक ‘ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह 2026’ मनाने का आह्वान किया गया है। इस पहल के तहत राज्य सरकार ने सक्रिय कदम उठाते हुए प्रदेश में सप्ताह के आयोजन के लिए पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को राज्य नोडल विभाग नियुक्त किया तथा सभी विभागों एवं जिला कलेक्टरों के समन्वय से राज्यव्यापी कार्ययोजना तैयार कर साझा की है।
सोमवार को ऊर्जा संरक्षण पर केंद्रित रहेंगी गतिविधियां
सप्ताह के दूसरे दिन, 2 नवंबर को ‘ऊर्जा संरक्षण’ विषय पर प्रदेशभर में विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके अंतर्गत नागरिकों को अनावश्यक लाइट एवं विद्युत उपकरण बंद रखने, ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करने, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने तथा सार्वजनिक परिवहन एवं कारपूलिंग को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
ऊर्जा संरक्षण के महत्व को जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों एवं अन्य संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी से जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्युत की अनावश्यक खपत कम करने, ऊर्जा संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा स्वच्छ ऊर्जा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया जाएगा।
सात दिन, सात संकल्प : सतत राजस्थान की ओर कदम
सप्ताह के अंतर्गत प्रत्येक दिन एक विशेष पर्यावरणीय विषय निर्धारित किया गया है।
पहला दिन – स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं (1 नवंबर)
सप्ताह का शुभारंभ स्वस्थ जीवनशैली के संदेश के साथ हुआ। इसके अंतर्गत नियमित योग एवं शारीरिक गतिविधियों, पौष्टिक एवं स्थानीय भोजन, मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल तथा सक्रिय एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।
इस अवसर पर जयपुर में आयोजित ‘साइक्लोथॉन फॉर ऑल’ में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार, पर्यावरण विभाग की सचिव श्रीमती शैलजा देवल , राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साइक्लोथॉन में बड़ी संख्या में साइकिलिंग प्रेमियों, युवाओं एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। इसमें दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल बदलाव अपनाने तथा परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी सतत जीवनशैली के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया।
तीसरा दिन – जल संरक्षण (3 नवंबर)
जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझाते हुए जल का विवेकपूर्ण उपयोग, पानी के रिसाव को रोकना, वर्षा जल संचयन, जल का पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण तथा पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। जल सुरक्षा को भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जोड़ते हुए नागरिकों को जल संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
चौथा दिन – सतत खाद्य प्रणाली (4 नवंबर)
स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने, मोटे अनाज एवं पारंपरिक फसलों को प्रोत्साहित करने, पौष्टिक एवं संतुलित आहार अपनाने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। साथ ही भोजन की बर्बादी रोकने और खाद्य संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जनजागरूकता विकसित की जाएगी।
पांचवां दिन – एकल उपयोग प्लास्टिक को कहें ना (5 नवंबर)
एकल उपयोग प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े एवं पुनः उपयोग योग्य थैलों, बोतलों तथा पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा। टिकाऊ पैकेजिंग को प्राथमिकता देने और सार्वजनिक स्थलों को प्लास्टिक मुक्त रखने के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।
छठा दिन – ई-वेस्ट कम करें (6 नवंबर)
बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक कचरे के पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग, मरम्मत एवं पुनः उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। ई-वेस्ट को अधिकृत माध्यमों से सुरक्षित तरीके से रिसाइकिल कराने, रिफर्बिश्ड उत्पादों को प्राथमिकता देने तथा इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य घरेलू कचरे में नहीं डालने का संदेश दिया जाएगा।
सातवां दिन – अपशिष्ट कम करें (7 नवंबर)
सप्ताह के अंतिम दिन अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। घरों में गीले, सूखे एवं हानिकारक कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, जैविक कचरे से कंपोस्ट तैयार करने, पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग को बढ़ावा देने तथा अनावश्यक उपभोग को कम करने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा।
छोटे-छोटे प्रयासों से बनेगा स्वच्छ, हरित और समृद्ध राजस्थान
पर्यावरण विभाग के माध्यम से संचालित इस राज्यव्यापी पहल का मूल उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित न रखकर नागरिकों के व्यवहार एवं जीवनशैली में स्थायी बदलाव लाना है। सप्ताह के सातों विषय सीधे तौर पर आमजन के दैनिक जीवन से जुड़े हैं। ऊर्जा और जल की बचत से लेकर प्लास्टिक एवं ई-वेस्ट के उचित प्रबंधन तक प्रत्येक कदम प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करने में सहायक है।
उल्लेखनीय है कि, राजस्थान जैसे जलवायु एवं प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से संवेदनशील राज्य में जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत उपभोग की आदतें विशेष महत्व रखती हैं। ऐसे में इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, संस्थानों और आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के साझा संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
‘ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह 2026’ का संदेश स्पष्ट हैछोटी-छोटी आदतों में बदलाव, बड़े पर्यावरणीय परिवर्तन की शुरुआत है। स्वस्थ लोग, स्वस्थ पृथ्वी और समृद्ध राजस्थान के संकल्प के साथ प्रदेशवासियों की सामूहिक भागीदारी ही सतत एवं हरित भविष्य का आधार बनेगी।
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