मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान की बड़ी उपलब्धि
5 नवंबर को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन प्रदान करेंगे पुरस्कार
जयपुर,। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर उपलब्धियां हासिल कर रहा है । इसी क्रम में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन के सहयोग से विकसित नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मूल्यांकन तंत्र (आरई-एसएएफ) के अंतर्गत देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राजस्थान ने श्रेष्ठ उपलब्धि हासिल की है।
उल्लेखनीय है कि राज्यों का यह मूल्यांकन नवीकरणीय ऊर्जा विकास, नीतिगत एवं नियामकीय व्यवस्था, ग्रिड की तैयारी, डिस्कॉम के प्रदर्शन तथा निवेश के अनुकूल वातावरण सहित विभिन्न महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया गया है। इस मूल्यांकन का उद्देश्य राज्यों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को पत्र भेजकर राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा है । वहीं 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहे भारत अक्षय ऊर्जा समिट एवं एक्सपो-2026 के समापन सत्र में दिनांक 05 नवंबर 2026 को माननीय उपराष्ट्रपति महोदय सी.पी. राधाकृष्णन द्वारा इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजस्थान को सम्मानित भी किया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राजस्थान को मिलने जा रहा यह सम्मान राज्य सरकार के सतत प्रयासों एवं प्रभावी पहलों का परिणाम है । उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 51.6 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता तथा 45 गीगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है। राजस्थान अक्षय ऊर्जा उत्पादन के साथ सौर ऊर्जा क्षमता एवं पीएम-कुसुम योजना में देश में प्रथम स्थान पर है। वहीं वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट जीवाश्म रहित ईंधन आधारित स्थापित विद्युत क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में राजस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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