पोकरण में टेराकोटा स्किल सेंटर खुलेगा, सीमावर्ती क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण को विशेष रूप से बढ़ावा मिलेगा: कौशल नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री

पोकरण में टेराकोटा स्किल सेंटर खुलेगा, सीमावर्ती क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण को विशेष रूप से बढ़ावा मिलेगा: कौशल नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री

जयपुर। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि पोकरण में टेराकोटा स्किलिंग सेंटर खोलने के पूरे प्रयास किये जाएंगे। 

कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक प्रताप पुरी के पूरक प्रश्नों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जिले से किसी विशिष्ट कौशल का सुझाव आने पर सरकार द्वारा इसके प्रशिक्षण के लिए गंभीरता से विचार किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि युवाओं को भविष्य को सशक्त बनाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। वर्ष 2022 से 2024 के बीच लगभग 60 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया, जबकि 2024 से 2026 में यह संख्या बढ़ाकर एक लाख से अधिक कर दी गई है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में कौशल प्रशिक्षण के लिए राज्य स्तरीय टेंडर जारी होते हैं। इसमें चयनित कंपनियां तय करती हैं कि वे किस जिले में प्रशिक्षण देंगी। इस व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को देखते हुए वर्ष 2026 में विभाग में एक समिति गठित की गई है। यह समिति स्किलिंग के गैप का अध्ययन कर सुझाव देगी कि किन क्षेत्रों में प्रशिक्षण की आवश्यकता है। साथ ही प्रशिक्षण में आ रही समस्याओं एवं उनके समाधानों तथा सीमावर्ती (बॉर्डर) जिलों में कौशल विकास को प्रोत्साहन देने के संबंध में भी विचार किया जाएगा।

इससे पहले मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कौशल नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री ने कहा कि 1 जनवरी 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक के एक वर्ष में निगम द्वारा 40,406 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिला जैसलमेर में इसी अवधि में राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदाता एजेंसियों को 8,79,204 रुपये का भुगतान किया गया।

उन्होंने कहा कि जैसलमेर जिले में जनवरी 2020 से दिसम्बर 2025 तक डीडीयू-जीकेवाई-06, राजक्विक-01, समर्थ-03, सक्षम-01 तथा मुख्यमंत्री नारी शक्ति कौशल्य सामर्थ्य योजना-01 सहित कुल 12 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11 आवेदनों की अमानत राशि लौटा दी गई, जबकि एक आवेदन की अमानत राशि एमओयू नहीं करने के कारण जब्त कर ली गई।