दर्जनभर डिपार्टमेंट्स में चरमरा गई व्यवस्था, एक पर तीन-तीन विभाग की जिम्मेदारी
भोपाल, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था काफी लचर बनी हुई है। एक-एक प्रोफेसरों को तीन-तीन विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे बीयू में चलने वाले करीब दो दर्जन विभागों की शैक्षणिक व्यवस्था काफी लचर बनी हुई है। तीन-तीन विभाग होने के करण प्रोफेसर अपने विद्यार्थियों की कक्षाएं भी सुचारू रूप से नहीं ले पा रहे हैं।
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बीयू में चालीस प्रोफसर कार्यरत हैं। जबकि 26 विभागों में हजारों की संख्या में विद्यार्थी प्रवेशरत हैं। उक्त विभागों की कमान गिने चुने आधा दर्जन प्रोफेसरों को दी गई है। इससे विभागों की स्थिति काफी लचर बनी हुई है। वे अपने रिसर्च वर्क के अपनी कक्षाओं तक में पिछड़ रहे हैं। इससे बीयू की शैक्षणिक व्यवस्था काफी लचर हो चली है।
प्रोफेसर फाइलों को लेकर सत्य भवन में बने रहते हैं, जिसके कारण उनकी कक्षाएं काफी प्रभावित हो रही हैं। ये स्थिति बीयू में लंबे समय से नियुक्ति नहीं होने के कारण बनी हुई है। गत वर्ष प्रोफेसर अशोक मुंजाल का निधन हो गया था। उनके पास जेनेटिक्स, माइक्रोबायोलॉजी, निम्नलॉजी और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी थी। अब जेनेटिक्स, माइक्रोबायोलॉजी की जिम्मेदारी अनिल प्रकाश तथा निम्नलॉजी और पर्यावरण विभाग विपिन व्यास को दिया गया है।
बीयू में लंबे समय से प्रोफेसरों की भर्ती नहीं कर सका है। गत वर्षों में काफी संख्या में प्रोफेसर सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं। वर्तमान में एक-एक प्रोफेसर पर तीन-तीन विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।