बैतूल, विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा की गई कर्जमाफी की घोषणा पर नई सरकार ने अमल कर काम करना शुरू कर दिया है। मप्र राज्य सहकारी बैंक मर्यादित प्रधान कार्यालय के प्रभारी प्रबंध संचालक आरके शर्मा द्वारा समस्त जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीईओ एवं संभागीय शाखा प्रबंधकों को पत्र लिखकर पेक्स संस्थाओं में ऋणी सदस्यों की जानकारी सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ १४ दिसंबर शाम पांच बजे तक भेजने के निर्देश जारी किए हैं। शुक्रवार को केंद्रीय सहकारी बैंक में ऋणी किसानों की जानकारी जुटाने के लिए अधिकारी एवं कर्मचारी दिन भर भाग-दौड़ करते नजर आए। बताया गया कि जिले के ९० हजार से अधिक किसानों पर ४५२ करोड़ रुपए बकाया है। इसमें से कितना कर्ज किसानों का माफ किया जाना है यह अभी तय नहीं हो सका है।
90 हजार किसानों पर 452 करोड़ का कर्ज
बैतूल जिले में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक मर्या. से जुड़े ९० हजार किसानों पर खरीफ एवं रबी सीजन का कुल ४५२ करोड़ रुपए बकाया होना बताया जा रहा है। इनमें खरीफ सीजन का कुल कर्ज २०० करोड़ रुपए बताया जाता है जबकि रबी सीजन का १०० करोड़ रुपए एवं चालू ऋण का ४५ करोड़ है। इसके अलावा ओवर ड्यू का १०७ करोड़ रुपए का कर्ज होना बताया जा रहा है।ओवर ड्यू का ऋण कई सालों से चला रहा आ रहे हैं। इस ऋण की वसूली के लिए बैंक कई बार किसानों को नोटिस भी जारी कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना में २३ करोड़ का ब्याज माफ
पिछली सरकार द्वारा मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजनांतर्गत जिले के २३ हजार किसानों को लाभांवित किया गया था। योजना के तहत ३० नवंबर २०१८ तक किसानों के बैंकों के माध्यम से ऋण ब्याज माफ किया गया। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के मुताबिक जिले के २३ हजार किसानों का ऋण समाधान योजना में २३ करोड़ रुपए का ब्याज माफ किया गया है। योजना के तहत किस्त के माध्यम से किसानों को ऋण चुकाना था। मूलधन की आधी राशि भरने पर ब्याज माफ किया गया था। मूलधन की आधी राशि बाद में निर्धारित समयावधि में जमा करना थी।
घोषणा के बाद नहीं दिया कर्जा
विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस सरकार द्वारा कर्ज माफी की घोषणा किए जाने के बाद जिले के किसानों ने बैंकों को कर्ज नहीं लौटाया है। इस वजह से बैंकों की वसूली पर भी इस बड़ा असर पड़ा है। जिला केंद्रीय सहकारी बैंक की माने तो खरीफ सीजन की ड्यू डेट २८ मार्च होती है। दिसंबर माह तक बैंक ४५ प्रतिशत वसूली कर लेता है लेकिन इस बार वसूली का प्रतिशत महज १५ फीसदी रह गया है जबकि रबी सीजन की ड्यू डेट १५ जून होती है लेकिन अधिकांश किसानों द्वारा ऋण की अदायगी नहीं की गई। जिसके कारण रबी सीजन का १०० करोड़ से अधिक का ऋण किसानों पर बकाया होना बताया जा रहा है।
पूर्व की योजनाओं में ओवर ड्यू हुआ माफ
प्रदेश सरकारों द्वारा किसानों के ऋण माफी को लेकर अभी तक जितनी भी घोषणाएं की गई या उनका परिपालन किया गया उनमें एक बात विशेष यह रही कि किसानों के ओवरड्यू ऋण को ही माफ किया गया था। चालू ऋण को माफ नहीं किया गया। चूंकि कांग्रेस सरकार ने ऋण माफी की घोषणा कर है लेकिन अभी यह तय नहीं हो सका है कि किसानों का कौन सा ऋण माफ किया जाएगा। वैसे म.प्र राज्य सहकारी बैंक मर्यादित प्रधान कार्यालय के प्रभारी प्रबंध संचालक द्वारा फार्मेट में बकाया ऋण की ३१ नवंबर तक की जानकारी मांगी गई है। अब देखना यह है कि किसानों का कितना ऋण माफ होता है।
इनका कहना
- म.प्र राज्य सहकारी बैंक मर्यादित प्रधान कार्यालय से जिले के ऋणी किसानों की जानकारी मांगी गई है। जिले में ९० हजार किसानों पर ४५२ करोड़ रुपए का ऋण बकाया है। हमारे द्वारा जानकारी एकत्रित कर भिजवाई जा रही है। कितना ऋण माफ होगा यह सरकार को तय करना है।
- एके हरसोला, सीईओ जिला केंद्रीय सहकारी बैंक मर्या. बैतूल।