कोका-कोला इंडिया ने सरकारी स्कूलों के बच्चों में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जागरुकता पैदा करने के लिये अक्षय पात्र फाउंडेशन से हाथ मिलाया
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राजस्थान (अजमेर) : महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिवस का उत्सव मनाने के लिए, कोका-कोला इंडिया ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान से जुड़ गई है। यह स्वच्छ भारत मिशन की पहल है और इसका लक्ष्य सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाना और ‘‘स्वच्छता प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व’’ अवधारणा को बल देना है।
हमारे माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान पर, कोका-कोला इंडिया और उसके बॉटलिंग पार्टनर्स ने अक्षय पात्र फाउंडेशन के साथ मिलकर भारत के लाभार्थी सरकारी स्कूलों में ‘स्वच्छता ही सेवा’ को बढ़ावा देने के लिये गतिविधियाँ शुरू की हैं। यह विश्व को अपशिष्ट मुक्त बनाने के कंपनी के लक्ष्य के अनुसार भी है। राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों में विभिन्न तरह की गतिविधियों की योजना बनाई गई है। देश भर के लगभग 300 सरकारी स्कूल इन गतिविधियों में हिस्सा लेंगे जिनका आयोजन अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा 11 स्थानों पर किया जायेगा। इसमें अक्षय पात्र की स्वयंसेवक इकाई –एआइकेवाईए के उत्साह से भरे युवा स्वयंसेवक अपना सहयोग देंगे। ये स्वयंसेवक प्रत्येक गतिविधि को बच्चों और शिक्षकों के लिये एक संवादपरक शिक्षण सत्र बनाएंगे । इसका मुख्य उद्देश्य है स्वच्छ वातावरण के महत्व पर जागरूकता उत्पन्न करना और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी समाधानों को बढ़ावा देना।
इस पहल के हिस्से के तौर पर
, कोका-कोला इंडिया और अक्षय पात्र फाउंडेशन ने अजमेर, राजस्थान में 30 स्कूलों में 20 सितंबर से 2 अक्टूबर 2019 तक कई गतिविधियों का आयोजन करने का लक्ष्य तय किया है ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व पर जागरूक किया जा सके।
नीचे उन गतिविधियों की सूची दी गई हैः
संकल्प लेने की मुहिम चलाना - प्रत्येक प्रधानाध्यापक और विद्यार्थी ने स्वच्छता पर जागरूकता निर्मित करने
, अपशिष्ट का उचित पृथक्करण सुनिश्चित करने और देश को स्वच्छ बनाने के लिये श्रमदान करने का संकल्प लिया।
- चित्रकारी प्रतियोगिता- इस गतिविधि में स्टूडेंटस ने कई विषयों पर चित्रकारी की –जैसे कि स्वच्छता देवभक्ति के बाद आती है और स्वच्छता एक जन कर्तव्य है, प्रत्येक स्कूल को अक्षय पात्र एवं कोका-कोला इंडिया से प्रतिभागिता का प्रमाणन मिला
- स्वच्छता अभियान - एआइकेवाईए के स्वयंसेवियों ने स्कूलों का दौरा किया और स्वच्छता के महत्व पर जागरुकता फैलाई
इस संलग्नता के बारे में
अक्षय पात्र के सीएमओ संदीप तलवार ने कहा, ‘‘भारत जैसे देश में, जिसका भौगोलिक क्षेत्र इतना व्यापक है, स्वच्छता पर फोकस सर्वाधिक महत्व वाला है। हम सरकारी स्कूल के बच्चों में जागरुकता पैदा करना चाहते हैं। बच्चे हमारा भविष्य हैं। इसे सिर्फ शहरों तक सीमिन नहीं होना चाहिए, बल्कि प्रत्येक भारतीय जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले भी आते हैं, अपने घरों एवं आसपास के वातावरण को साफ रखने के लिए जिम्मेदार हैं। लोगों को कचरे को साफ करने और इसका निस्तारण करने के लिए सावधान रहना होगा, जिससे उनके समग्र स्वास्थ्य को बरकरार रखने में लंबा सफर तय किया जाना है। स्वच्छता वाकई हरेक का काम है। हमें इस पहल के लिए कोका-कोला के साथ साझेदारी कर खुशी हो रही है।
श्री इश्तियाक अमजद, वाइस-प्रेसिडेन्ट, पब्लिक अफेयर्स, कम्युनिकेशंस एवं सस्टेनेबिलिटी, कोका-कोला इंडिया एवं साउथ वेस्ट एशिया ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘स्वच्छता अनुशासन का एक महत्वपूर्ण स्वरूप है और जिंदगी में सभी को इसका पालन करना चाहिए। भारत में अपशिष्ट परिदृश्य को देखते हुए, स्वस्थ जीवनशैली के हिस्से के तौर पर स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन को पहले से कहीं अधिक प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण हो गया है। इसी के अनुरूप, कोका-कोला कंपनी का एक व्यापक लक्ष्य है – “अपशिष्ट मुक्त दुनिया” का निर्माण करना। एशिया के सबसे बड़े पैकेजिंग वेस्ट मैनेजमेंट वेंचर की पेशकश करने की हमारी हालिया भागीदारी अपशिष्ट निस्तारण को लेकर बढ़ रही चिंताओं की प्रतिक्रिया स्वरूप की गई है। कोका-कोला इंडिया में हम सौभाग्यशाली महसूस करते हैं कि “स्वच्छता ही सेवा” को सफल बनाने में मदद कर पा रहे हैं और हम सभी लोगों से एक स्वच्छ, हरित और अपशिष्ट-मुक्त भारत का निर्माण करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाने की अपील करते हैं।’’
यह पहल न केवल जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन को उत्प्रेरित करेगी, बल्कि एक अपशिष्ट मुक्त पारिस्थितिकी के विकास का अग्रदूत बनने में बच्चों की मदद भी करेगी।
अक्षय पात्र फाउंडेशन के विषय में :
अक्षय पात्र फाउंडेशन एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसका मुख्यालय बेंगलुरू, भारत में है। यह संगठन भारत में भूख और कुपोषण जैसे मुद्दों से लड़ने के लिए प्रयासरत रहता है। सरकारी स्कूलों और सरकार संबद्ध स्कूलों में मिड-डे मील स्कीम लागू कर, अक्षय पात्र फाउंडेशन का उद्देश्य सिर्फ भूख से लड़ाई लड़ना ही नहीं है बल्कि बच्चों को स्कूल भी लाना है। वर्ष 2000 से, संगठन ने स्कूल के हर दिन पौष्टिक भोजन के साथ अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंचने के लिए काम किया है। अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा लाखों बच्चों तक पहुंचने के लिए निरंतर तकनीक का लाभ उठाया जा रहा है।
भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के साथ गठबंधन में और कॉर्पोरेट्स, व्यक्तिगत दानदाताओं और कई शुभचिंतकों के अपार सहयोग से; अक्षय पात्र ने शानदार विकास किया है। इसने 2000 में 5 स्कूलों में महज 1,500 बच्चों के साथ शुरूआत की थी और वर्तमान में 1.76 मिलियन बच्चों को भोजन कराया जा रहा है। वर्तमान में, अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा दुनिया का सबसे बड़ा गैर-लाभकारी मिड-डे मील प्रोग्राम चलाया जा रहा है, जो भारत में 12 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में 16,785 स्कूलों के 1.76 लाख से अधिक बच्चों को स्कूल के हर दिन पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहा है।
कोका-कोला इंडिया और साउथ वेस्ट एशिया के विषय में
कोका-कोला इंडिया और साउथ वेस्ट एशिया क्षेत्र की अग्रणी पेय कंपनियों में से एक है। इसका मुख्यालय गुड़गांव में है और बिजनेस यूनिट बांग्लादेश, श्रीलंका, मालदीव्स, नेपाल और भूटान में व्यावसायों का प्रबंधन करती है। यह उपभोक्ताओं के लिये स्वास्थ्यवर्द्धक, सुरक्षित, उच्च गुणवत्ता के, तरोताजा करने वाले पेय विकल्पों की पेशकश करती है। वर्ष 1993 में अपने पुनःप्रवेश के बाद से, कंपनी पेय उत्पादों से उपभोक्ताओं को तरोताजा कर रही है, जैसे कोका-कोला, कोका-कोला ज़ीरो, डाइट कोक, थम्स अप, थम्स अप चार्ज्ड, फैन्टा, फैन्टा ग्रीन मैंगो, लिम्का, स्प्राइट, स्प्राइट जीरो, माज़ा, वियो “फ्लेवर्ड मिल्क”, आमंड डिलाइट, केसर डिलाइट, मिनट मेड रेन्ज ऑफ ज्यूसेस, फ्यूज टी, हॉट और कोल्ड चाय और कॉफी विकल्पों की जॉर्जिया एवं जॉर्जिया गोल्ड रेंज, एक्वैरियस, श्वीप्स, स्मार्ट वाटर, किनले और बोनएक्वा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर और किनले क्लब सोडा। कंपनी अपने खुद के बॉटलिंग परिचालन और अन्य बॉटलिंग पार्टनर्स के साथ, करीब 2.6 मिलियन रिटेल दुकानों के मजबूत नेटवर्क के माध्यम से करोड़ों उपभोक्ताओं के जीवन का हिस्सा बन चुकी है, जिसकी प्रति सेकंड 500 सर्विंग्स की दर है। इसके ब्राण्ड देश में सबसे चहेते और सबसे अधिक बिकने वाले पेयों में शुमार हैं- थम्स अप और स्प्राइट, सबसे अधिक बिकने वाले दो स्पार्कलिंग पेय हैं।
कोका-कोला इंडिया का सिस्टम 25,000 लोगों को प्रत्यक्ष और 150,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। भारत में कोका-कोला सिस्टम सामुदायिक पहलों के माध्यम से स्थायी समुदाय निर्मित करने में छोटा-सा योगदान दे रहा है, जैसे माई स्कूल, वीर, परिवर्तन, और उन्नति और कंपनी पर्यावरण पर अपने द्वारा होने वाले प्रभाव को स्वयं कम करती है। भारत में कंपनी के परिचालन और उत्पादों के सम्बंध में अधिक जानकारी के लिये कृपया
www.coca-colaindia.com और
www.hindustancoca-cola.com देखें। हमें ट्विटर पर
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