सरकार को तंत्र पर नहीं भरोसा, दूसरी बार बदला SIT प्रमुख

सरकार को तंत्र पर नहीं भरोसा, दूसरी बार बदला SIT प्रमुख
भोपाल। बड़े पुलिस अफसरों में चल रहे विवाद के बाद कमलनाथ की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। हनी ट्रैप मामले की जांच कर रहे एसआईटी चीफ को हटा दिया है। अभी तक एसआईटी की कमान एटीएस के संजीव शमी के पास था। अब सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए साइबर क्राइम के स्पेशल डीजी राजेंद्र कुमार को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया है। वह अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर क्राइम मिलिंद कानस्कर और इंदौर एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा को सदस्य बनाया है। इसके साथ ही ये सदस्य अपनी आवश्यकता अनुसार अन्य पुलिस अधिकारियों की मदद लेंगे। इसे लेकर गृह मंत्रालय की तरफ से अधिसूचना जारी हो गई है। विवाद से खफा थे सीएम दरअसल, राज्य के डीजीपी और साइबर क्राइम डीजी पुरुषोत्तम शर्मा के बीच चल रहे विवाद से सीएम कमलनाथ काफी खफा थे। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि हनी ट्रैप मामले में आतंक निरोधी दस्ता को क्यों शामिल किया गया। सोमवार को सीएम कमलनाथ ने राज्य के डीजीपी और तत्कालीन एसआईटी चीफ संजीव शमी को बुलाकर क्लास लगाई थी। छवि को लेकर चिंतित थे सीएम सीएम कमलनाथ हनी ट्रैप की वजह से राज्य की खराब हो रही छवि को लेकर चिंतित थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि व्यापमं की वजह से पहले ही राज्य की काफी किरकिरी हुई है, अब आपको अंदाजा है कि हनी ट्रैप की वजह से कितना नुकसान हो रहा है। इंदौर पुलिस के इस मामले को इतना तुल देने की क्या जरूरत है। सीएम इस बात से भी नाराज थे कि जांच में सामने आ रही तथ्य कैसे लीक हो जा रही है। दूसरी बार बदले गए एसआईटी चीफ हनी ट्रैप मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी के अभी एक सप्ताह भी नहीं हुए हैं कि दो एसआईटी चीफ हटा दिए गए हैं। गठन के बाद सबसे पहले सीआईडी के आईजी श्रिनिवास वर्मा एसआईटी के चीफ बने थे। उन्हें 24 घंटे के अंदर ही हटाकर संजीव शमी को बनाया गया। और अब राजेंद्र कुमार बनाए गए हैं।