बालाकोट में घुसकर जैश के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया

बालाकोट में घुसकर जैश के आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया
नई दिल्ली, पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में घुसकर कई आतंकियों को मार गिराया है। भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर किए गए हमले की पुष्टि करते हुए भारत साफ किया किया कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया है। भारतीय विदेश सचिव गोखले ने कहा कि इस हमले में जैश के कई आतंकी मारे गए हैं। 'जैश कर रहा था भारत पर हमले की साजिश' विदेश सचिव गोखले ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुख्ता खुफिया सूचना के बाद भारत ने जैश के ठिकानों पर नॉन मिलिटरी ऐक्शन के तहत हमले किया गया। विजय गोखले ने कहा, 'इस सूचना के बाद कि जैश के आतंकी भारत में और आत्मघाती हमले करने के फिराक में है, भारत द्वारा हमला करना जरूरी हो गया था। हमने बालाकोट में जैश के ट्रेनिंग कैंप पर हमला किया, जिसमें कई बड़े आतंकी, सीनियर कमांडर और जेहादी मारे गए हैं।' भारत ने बताया कि क्यों किया हमला विदेश सचिव गोखले ने कहा कि 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आत्मघाती आतंकी हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा ऐसी भी सूचना थी कि जैश के आतंकी भारत में एकबार फिर आत्मघाती हमले को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। जैश पाकिस्तान में पिछले 20 साल से आतंकी साजिश रच रहा है लेकिन पाकिस्तान उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। जैश सरगना मसूद अजहर अंरराष्ट्रीय आतंकवादी है। जैश 2001 में भारतीय संसद पर आतंकवादी हमले और जनवरी 2016 में पठानकोट हमले में शामिल रहा है। पाकिस्तान को इस आतंकी संगठन के बारे में कई जानकारी दी गई थी। भारत जैश के खिलाफ कार्रवाई की लगातार मांग करता रहा है। बिना पाकिस्तान के संरक्षण के सैकड़ों जिहादी पैदा नहीं हो सकते हैं। पुलवामा आतंकी हमले के 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना के पाक के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की खबरें आ रही हैं। ऐसी खबरें हैं कि आतंकी ठिकानों पर 1000 किलोग्राम के बम गिराए गए हैं। बताया जा रहा है कि इस मिशन में मिराज 2000 विमान शामिल थे। भारतीय वायुसेना को मिराज-2000 विमानों की सप्लाई फ्रांस की दसॉ कंपनी ने की है। इसी कंपनी ने राफेल लड़ाकू विमानों को तैयार किया है। साल 2015 में कंपनी ने अपग्रेडेड मिराज-2000 लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना को सौंपे। इन अपग्रेडेड विमानों में नए रेडार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लगा है, जिनसे इन विमानों की मारक और टोही क्षमता में भारी इजाफा हो गया है। मिराज 2000 विमान एक साथ कई काम कर सकते हैं। विमान ज्यादा से ज्यादा विमान के बम या मिसाइल को दुश्मनों को ठिकाने पर ले जाकर गिराने में सक्षम है। यह हवा में दुश्मन का मुकाबला भी कर सकता है। स्पेक्ट्रा सिस्टम को दसॉ कंपनी ने तैयार किया है। इसमें पूरी तरह से ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक सिक्यॉरिटी सिस्टम है। उदाहरण के लिए, अगर दुश्मन का सिस्टम विमान के सिगनल को पकड़ लेता है और हवा के माध्यम से आगे सूचना देता है तो स्पेक्ट्रा सिस्टम उसको झांसा देता है। स्पेक्ट्रा सिस्टम दुश्मन के पास तुरंत मेसेज भेजता है कि कोई विमान डिटेक्ट नहीं हुआ है। इससे दुश्मन का रेडार धोखा खा जाता है। किसी खास काम के लिए जब किसी विमान को चुना जाता है तो उसकी रनवे क्षमता देखी जाती है। कुछ विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के लिए अन्यों की तुलना में लम्बा रनवे चाहिए होता है। लेकिन मिराज 2000 के लिए 400 मीटर या उससे भी कम लंबा रनवे उपयुक्त है। विमान का स्पेक्ट्रा सिस्टम काफी सक्षम तरीके से काम करता है। यह पूरी तरह स्वचालित है यानी खुद से काम करता है। जाहिर सी बात है जब विमान इतनी अडवांस्ड टेक्नॉलजी से युक्त है तो इसका सिक्यॉरिटी सिस्टम भी कीमती होगा। विमान की कुल कीमत का 30 फीसदी इसक