राज ठाकरे से कांग्रेस, एनसीपी का साथ देने के आदेश पर नाराज हैं मनसे के समर्थक

राज ठाकरे से कांग्रेस, एनसीपी का साथ देने के आदेश पर नाराज हैं मनसे के समर्थक
मुंबई, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने जब से कांग्रेस-एनसीपी उम्मीदवारों को वोट देने और उनके उम्मीदवारों के लिए काम करने के लिए कहा है तब से मनसे के वोटर और कार्यकर्ता पशोपेश में हैं। दरअसल, बीजेपी से मोहभंग होने के बाद राज ने अपने उम्मीदवार तो उतारे नहीं, उल्टे शिवसेना-बीजेपी के उम्मीदवारों को पराजित करने की ठान ली। बीजेपी-शिवसेना के उम्मीदवारों को हराने के लिए राज ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों का प्रचार-प्रसार करने का आदेश समर्थकों, कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को दिया है। राज की यह भूमिका मनसे के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का रास नहीं आ रहा है। मुंबई के भांडुप, कांजुरमार्ग, विक्रोली, कुर्ला, शिवडी, वडाला जैसे अन्य जगहों पर मनसे के कट्टर समर्थक राज की भूमिका से खफा हैं। वे कहते हैं कि वे मूलत: शिवसैनिक हैं। जब वे शिवसेना के थे तब धनुषबाण या फिर कमल पर को वोट देते थे, जब मनसे में आए तो इंजन को वोट दिया, लेकिन कभी पंजा, घड़ी या अन्य किसी दूसरे दल को वोट नहीं दिया और नहीं उनके लिए कभी काम किया।